नगर निगम की ओर से बकाया नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) जमा कराने पर ब्याज और मूल में 50 से लेकर 100 फीसदी तक की छूट दे रहा है। इसके बावजूद लोगों का रुझान इस तरफ नहीं है। हालात ये हैं कि शिविर को चलते हुए चार दिन बीत गए, लेकिन कोई भी यहां नहीं पहुंचा। यह छूट 31 मार्च तक दी जा रही है। निगम को इस वित्तीय वर्ष में 18 करोड़ के यूडी टैक्स की वसूली करनी है। इसके मुकाबले अब तक महज 4.70 करोड़ रु. की ही वसूली हो पाई है। यानी 10 माह में निगम यह राशि वसूल पाया है। अब वित्तीय वर्ष 2024-25 के करीब दो माह बाकी हैं। ऐसे में 13.30 करोड़ की वसूली करना चुनौती होगी। नगर निगम क्षेत्र में 18 हजार कर योग्य संपत्तियां हैं। इन्हें हर साल यूडी टैक्स जमा कराना होता है। ऐसा नहीं करने पर संपत्तियों को कुर्क-सीज भी किया जा सकता है। यूडी टैक्स 2700 वर्गफीट आवासीय, 900 वर्गफीट व्यावसायिक और 4500 वर्गफीट या इससे अधिक के औद्योगिक भूखंडों के मालिकों से लिया जाता है। खाली भूखंड पर भी यह कर लागू है। हालांकि, इसका क्षेत्रफल कर के दायरे में आना चाहिए। बकाया राशि जमा नहीं कराने वालों के खिलाफ बैंक खाते सीज कराने व कुर्की की कार्रवाई की जाती है। कोचिंग और शिक्षण संस्थान भी नगरीय कर के दायरे में आते है। कोचिंग संस्थाओं से तो व्यावसायिक एवं शिक्षण संस्थाओं से संस्थानिक दरों से यूडी टैक्स वसूला जाता है। कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स, सामुदायिक भवन भी टैक्स के दायरे में आते हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में लक्ष्य से 3.30 करोड़ ज्यादा वसूली वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए यूडी टैक्स के जरिये निगम के पास 4.70 करोड़ का जो राजस्व आया, उसमें 3 करोड़ 52 लाख 93 हजार 8 रुपए शहरवासियों ने जमा कराए। इसके अलावा 1 करोड़ 17 लाख 06 हजार 992 रुपए निगम ने 24 संपत्तियों को सीज कर वसूले। इनमें आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और खाली भूमियां शामिल रहीं। पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 की बात करें तो निगम का लक्ष्य 12 करोड़ रुपए का था। उस समय 15.30 करोड़ रुपए वसूले गए थे। बड़ी चुनौती… अगले दो माह में 13.30 करोड़ की वसूली निगम आयुक्त राम प्रकाश ने बताया कि यूडी टैक्स समय पर नहीं चुकाने वालों पर सख्ती करने के बजाय सरकार ने छूट का तोहफा दिया है। स्वायत्त शासन विभाग ने वर्ष 2024-25 के यूडी टैक्स में एकमुश्त राशि जमा कराने पर ब्याज में 100% की छूट देने का एलान किया है। इसी तरह 2011-12 से पहले के बकाया यूडी टैक्स को एकमुश्त जमा करने पर ब्याज-पेनाल्टी की छूट के साथ मूल में भी 50% की रियायत दी है। हाउस टैक्स की मूल राशि में 50% और ब्याज में 100% की छूट दी गई है। यह स्कीम 31 मार्च तक ही चलेगी। उदयपुर में यूडी टैक्स की गणना के लिए भूखंड के क्षेत्रफल या निर्मित क्षेत्रफल को मौजूदा डीएलसी दर से गुणा किया जाता है। इसमें 2000 का भाग देकर यूडी टैक्स निकाला जाता है।


