अशासकीय शिक्षण संस्था संचालक संघ ने शुक्रवार को डीपीसी के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर सरकार की नई शर्तों में राहत देने की मांग की है। संघ के सदस्यों ने बताया कि सत्र 2025-26 के लिए मान्यता नवीनीकरण की शर्तें छोटे स्कूलों के लिए बोझ साबित होगी। 40,000 रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की अनिवार्यता और रजिस्टर्ड किरायानामे की शर्त से कई स्कूल बंद होने के कगार पर पहुंच जाएंगे। संचालक संघ के अध्यक्ष राजेश खत्री ने बताया कि सरकार पहले से ही RTE की फीस की प्रतिपूर्ति में देरी करती है, जो लाखों रुपए में होती है। ऐसे में नई शर्तें स्कूलों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी। विशेषकर अविकसित और अर्ध विकसित क्षेत्रों में चल रहे स्कूलों के लिए रजिस्टर्ड किरायानामा करवाना मुश्किल है। इससे न केवल स्कूल बंद होंगे बल्कि हजारों शिक्षक बेरोजगार हो जाएंगे और छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित होगी। संघ की प्रमुख मांगें – FD की अनिवार्यता समाप्त की जाए – रजिस्टर्ड किरायानामे के बजाय 500-1000 रुपये के स्टांप पर किरायानामा स्वीकार किया जाए – 5 साल से अधिक पुराने स्कूलों को स्थायी मान्यता दी जाए – हर 3 साल में नवीनीकरण की प्रक्रिया को समाप्त किया जाए


