जयपुर के गुप्त वृन्दावन धाम में 10 फरवरी को नित्यानंद त्रयोदशी का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह वर्ष 2025 का पहला महायोजन होगा, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय में माघ मास की त्रयोदशी को श्रील नित्यानंद महाप्रभु का आविर्भाव दिवस माना जाता है। इस अवसर पर मंदिर में श्री कृष्ण-बलराम का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर को गुलाब, ऑर्किड, कारनेशन, मधुकाम्नी, जाफरी, कनेर, मोगरा, डेजी और देहलिया के फूलों से सजाया जाएगा। शाम के समय श्री गौर-निताई की विशेष पालकी निकाली जाएगी। वृन्दावन गार्डन में गौर-निताई के विग्रह का पंचगव्य, 21 फलों के रस, औषधियों और पुष्पों से महाभिषेक किया जाएगा। इस आयोजन में हजारों भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है, जो हरिनाम संकीर्तन में भाग लेंगे। मंदिर के अध्यक्ष अमितासना दास के अनुसार, प्रभु नित्यानंद ने कलियुग में भक्तों का उद्धार करने के लिए बंगाल के एकचक्र धाम में अवतार लिया था। वे बलराम के अवतार माने जाते हैं और चैतन्य महाप्रभु ने उन्हें अपना सर्वोत्तम भक्त स्वीकार किया है। नित्यानंद महाप्रभु को सभी जीवों के लिए गुरुतत्व माना जाता है।


