नक्शे के विपरीत 10 प्रतिशत तक निर्माणों पर नगर निगम लोगों को राजीमाना का मौका देता है। निजी जमीन पर यदि नक्शा स्वीकृत कराया गया है और उसमें यदि तय सीमा तक अवैध निर्माण है तो निगम में राजीनामा का आवेदन देकर उसे वैध कराया जा सकता है। जैसे 1000 वर्गफीट निर्माण की स्वीकृति है और किसी ने 1100 वर्गफीट निर्माण करा लिया है तो वह 100 वर्गफीट अतिरिक्त निर्माण का राजीनामा करा सकता है। इससे ज्यादा होने पर तोड़फोड़ की कार्रवाई होती है। इसपर राजीनामा का भी प्रावधान नहीं है। शहर में इन दिनों ऐसे निर्माणों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। रविवार को टाटीबंध क्षेत्र में भी एक अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई। निगम के टाउन प्लानिंग नियमों के तहत खुद की जमीन पर बिना नक्शा स्वीकृत कराए या स्वीकृति से ज्यादा निर्माण अवैध है। व्यवस्थित निर्माण तथा मकानों में रोशनी, हवा, पानी इत्यादि की पर्याप्त व्यवस्था के लिए निर्माण के नियम-शर्तें तय की गईं है। एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) का भी पालन करना जरूरी है। छोटे-छोटे प्लॉट्स आमतौर पर लोग शत-प्रतिशत निर्माण कर रहे हैं। सामने गलियारा छोड़ने का नियम है। टाटीबंध क्षेत्र में अवैध निर्माण वाले हिस्से को तोड़ा
निगम जोन-8 ने शनिवार को शहीद भगत सिंह वार्ड के टाटीबंध क्षेत्र में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई। निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल ने कार्रवाई की। यहां 1746 वर्गफीट निजी जमीन पर नक्शे के विपरीत निर्माण किया जा रहा है। निगम की टीम ने निर्माण के दौरान निर्माणकर्ता को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद निर्माण नहीं रोका गया। शनिवार को टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण वाले हिस्से को तोड़ दिया। यहां 200 वर्गफीट से ज्यादा हिस्सा नक्शे के विपरीत बनाया गया था। उप अभियंता लोचन प्रसाद चौहान के नेतृत्व में टीम ने निर्माण की दीवार, अतिरिक्त कॉलम को तोड़ने की कार्रवाई की। निर्माणकर्ता को चेतावनी दी गई कि भविष्य में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य निगम के नियम और स्वीकृति अनुसार नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


