प्रदेशभर में पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री करने वाले डीलरों के लिए अब परिवहन विभाग से ऑथराइजेशन लेना अनिवार्य कर दिया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा वर्ष 2022 में जारी अधिसूचना के तहत केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 में नियम 55ए से 55एच जोड़े गए हैं। इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के बाद पुराने वाहनों के कारोबार में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। नए प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई वाहन स्वामी अपना पुराना वाहन बेचना चाहता है, तो उसे केवल ऑथराइज्ड डीलर के माध्यम से ही बिक्री करनी होगी। इसके लिए वाहन स्वामी को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित फॉर्म 29सी के माध्यम से संबंधित आरटीओ को पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। सूचना देने के बाद संबंधित ऑथराइज्ड डीलर को उस वाहन का डीम्ड ओनर (अस्थायी स्वामी) माना जाएगा और वही वाहन को आगे नए खरीदार को बेच सकेगा। इस अवधि में वाहन से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेजों का संधारण, वाहन की सुरक्षा और किसी भी प्रकार की घटना की जिम्मेदारी डीलर की होगी। नियमों के तहत ऑथराइज्ड डीलर पंजीयन प्रमाण पत्र, फिटनेस प्रमाण पत्र, प्रदूषण प्रमाण पत्र, एनओसी तथा स्वामित्व परिवर्तन से जुड़े आवेदन करने के लिए सक्षम होगा। डीलर वाहन को केवल निर्धारित प्रयोजनों के लिए ही सड़क पर चला सकेगा। इनमें संभावित खरीदार को वाहन दिखाने के लिए सीमित ट्रायल, मरम्मत या सर्विस सेंटर तक ले जाना, तथा रजिस्ट्रेशन, फिटनेस या प्रदूषण प्रमाण पत्र से संबंधित कार्य शामिल हैं। डीलर को रखना होगा सभी वाहनों का रिकॉर्ड ऑथराइजेशन शुल्क 25 हजार रुपए
परिवहन विभाग के अनुसार, पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री के लिए ऑथराइजेशन प्राप्त करने का शुल्क 25 हजार रुपए तय किया गया है। वाहन स्वामी को डीलर के माध्यम से वाहन बेचने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। साथ ही, नियमों के पालन की स्थिति में वाहन के दुरुपयोग या दस्तावेजों की देखरेख से संबंधित जिम्मेदारी से वाहन स्वामी पूरी तरह मुक्त रहेगा। 18% जीएसटी देना अनिवार्य
ऑथराइज्ड डीलर को अपने अधिपत्य में मौजूद सभी वाहनों का रिकॉर्ड रखना होगा। साथ ही, वाहन विक्रय से होने वाले लाभ पर 18% जीएसटी देना होगा। प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए परिवहन विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से डीलर ऑथराइजेशन के लिए आवेदन कर सकेंगे और वाहन स्वामी फॉर्म 29सी के जरिए आरटीओ को सूचना दे सकेंगे। तय समय-सीमा में लेना होगा ऑथराइजेशन… परिवहन विभाग ने साफ किया है कि पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री करने वाले सभी डीलरों को निर्धारित समय-सीमा में ऑथराइजेशन लेना होगा। 1 जनवरी 2026 के बाद यदि बिना पंजीकरण या ऑथराइजेशन के किसी भी डीलर द्वारा वाहन का क्रय-विक्रय किया गया, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


