भास्कर न्यूज | बालोद झारखंड के रांची में आयोजित 69वीं स्कूल नेशनल गेम (एसजीएफआई) 2025-26 अंडर 17 राउंड मिक्स टीम छत्तीसगढ़ से खेलते हुए बालोद निवासी फलक यादव (14) और तरुण जांगड़े की जोड़ी ने गोल्ड मेडल हासिल किया। फलक का नेशनल प्रतियोगिता में पहला गोल्ड मेडल है। इसके पहले राज्य स्तरीय स्कूल गेम्स व ओपन टूर्नामेंट में 17 गोल्ड मेडल हासिल कर चुके है। बालोद निवासी फलक यादव (14) गुरुकुल विद्यापीठ में कक्षा 9वीं की छात्रा है। इसके अलावा छग की इकलौती तीरंदाजी खिलाड़ी है। जिनका सलेक्शन टाटा एकेडमी झारखंड के लिए 2024 में हुआ। तब से अब तक वहां विशेष मौकों पर अभ्यास करने पहुंचती हैं। इसके अलावा कोंडागांव, बालोद मंे भी अभ्यास करती है। विशेष मौकों पर भारतीय तीरंदाजी संघ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मुरारका, कोच कुशल रजक हौसला बढ़ाते हैं। तीरंदाजी एक दिमागी गेम है। इसमें खिलाड़ी का हौसला बढ़ाने कोच व परिवार के सदस्य खेल के दौरान साथ रहते हैं। खेल का अनुभव साझा करते हुए फलक ने बताया कि नेशनल प्रतियोगिता में तेज हवा चलने की वजह से पहले स्टेप में उम्मीद अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। जिसके बाद सेकंड स्टेप में बड़ी बहन दक्षा यादव, मां निर्मला यादव, पिता शशिकांत यादव ने मनोबल बढ़ाया। इसके बाद बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। एक स्टेप में 6 ऐरो चलाने का मौका मिलता है मां निर्मला यादव ने बताया कि फलक सुबह से रात तक रोजाना 12 घंटे तीरंदाजी खेल का अभ्यास करती हैं। सुबह 5 बजे से लेकर 8 बजे तक लगातार 3 घंटे फिर 9 से दोपहर एक बजे तक 2 घंटे, दोपहर 2.30 से शाम 7.30 बजे तक 5 घंटे, रात 8 से 10 बजे के बीच दो घंटे अभ्यास करती हैं। एक दिन मंे न्यूनतम दो हजार ऐरो फेंकने यानी निशाने में लगाने का लक्ष्य तय रहता है। प्रतियोगिता में एक स्टेप में 6 ऐरो चलाने का मौका मिलता है। नेशनल मंे छग टीम ने एमपी को 0-6 से हराया। एनआईटी में चौथा स्थान हर साल टूर्नामेंट में शामिल फलक एक साल में औसतन एक स्कूल गेम और चार ओपन कुल 5 टूर्नामेंट मंे शामिल हो रही है। पिछले साल जयपुर में एनआईटी (नेशनल इंडियन आर्चरी टेस्ट) रैंकिंग में सब जूनियर में चौथा रैंक मिला था। एनआईटी चार स्टेप में होने के बाद अंत मंे रैंक निर्धारित किया जाता है। 10 रैंक तक के बच्चों को बिना ट्रायल बुलाकर अभ्यास कराकर टिप्स देते है ताकि आगे बेहतर प्रदर्शन कर सकें। 29 जुलाई 2023 को बिलासपुर में आयोजित खेलो इंडिया मंे भी फलक का सलेक्शन हुआ था।


