मध्य प्रदेश के इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी विधायक की सदस्यता को लेकर एक साल से सस्पेंस बना हुआ है। सागर जिले की बीना सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्प्रे की सदस्यता रद्द करने की कार्रवाई सवाल-जवाब के खेल में उलझ गई है। कांग्रेस ने जहां कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, वहीं विधानसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से पूछा है कि निर्मला सप्रे की पार्टी सदस्यता पर क्या कार्रवाई की। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और विधायक सप्रे को पत्र लिखकर भी अलग-अलग सवाल पूछे हैं। बता दें कि पिछले साल 5 मई को लोकसभा चुनाव के दौरान सप्रे भाजपा में शामिल हो गई थीं, पर कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से बाहर नहीं निकाला और न उन्होंने इस्तीफा दिया। निर्मला को विधानसभा को जवाब- जहां थी, वहीं हूं विधायक सप्रे ने विधानसभा को जवाब दिया है कि वह जहां थीं, वहीं हैं। भास्कर’ ने उनसे विस्तृत बात करनी चाही, वे फोन पर उपलब्ध नहीं हुई। कांग्रेस का तर्क- इंटरनल पार्टी क्या करेगी, स्पीकर को नहीं पूछना चाहिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि वकील विभीर खंडेलवाल से बात करिए। खंडेलवाल से पूछने पर उन्होंने कहा कि निर्मला सप्प्रे पर कांग्रेस ने क्या कार्रवाई की, यह स्पीकर कैसे पूछ सकते हैं? भाजपा के मंचों पर दिखी, पर वीड़ी बोले- पार्टी की सदस्यता नहीं ली है भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने स्पीकर के पत्र पर कहा कि न ही निर्मला सप्रे ने भाजपा जॉइन की, न ही पार्टी की ओर से उनकी सदस्यता कराई गई।


