निवाड़ी में आजाद समाज पार्टी जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी का विरोध:कार्यकर्ता बोले- हत्या केस में प्रमोद अहिरवार को फंसाया, एसपी बोले- सूबतों के आधार पर एक्शन

निवाड़ी में भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी ने अपने जिलाध्यक्ष प्रमोद अहिरवार की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को राजनीतिक षडयंत्र बताते हुए नगर के बड़ी माता मंदिर से अंबेडकर चौराहे तक जुलूस निकाला। प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी के 90 कार्यकर्ताओं ने अपनी गिरफ्तारी दी। पुलिस ने अमरपाल सिंह हत्या मामले में जिलाध्यक्ष प्रमोद अहिरवार और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पार्टी का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है। पदाधिकारियों का दावा है कि 18 तारीख को हुई घटना के वक्त प्रमोद मौके पर मौजूद ही नहीं थे, इसके बावजूद पुलिस ने बिना जांच के सीधे एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग प्रदर्शन के बाद पार्टी के पदाधिकारियों ने कलेक्टर के नाम एसडीएम मनीषा जैन को ज्ञापन सौंपा। भीम आर्मी के नेता नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई एकतरफा और पक्षपातपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि झूठी एफआईआर से नाम नहीं हटाए गए, तो वे इस मामले को कोर्ट तक ले जाएंगे और संबंधित पुलिस अधिकारियों को भी अदालत में जवाबदेह बनाएंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम जुलूस और प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया था। इससे पहले 21 जनवरी को भी पार्टी ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर निर्दोषों को रिहा करने की मांग की थी। भीम आर्मी का स्पष्ट कहना है कि हत्या की इस घटना में राजनीतिक रंजिश के चलते उनके नेता को निशाना बनाया जा रहा है। एसपी बोले- सबूतों और जांच के आधार पर गिरफ्तार की गई वहीं एसपी डॉक्टर राय सिंह नरवरिया ने कहा कि 18 जनवरी को अमरपाल सिंह की हुई हत्या के मामले में सात आरोपी है। 19 जनवरी को दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पांच आरोपियों की जांच पड़ताल की जा रही है। मृतक पक्ष के लोगों ने भी आरोप लगाया है। आरोपों और जांच के बाद प्रमोद अहिरवार की गिरफ्तारी की गई है। भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी का कहना है कि प्रमोद अहिरवार को गलत फंसाया गया है और इस मामले में चार दिन पूर्व भी पार्टी ने आवेदन देकर दूसरे से जांच करवाने की मांग की थी। इस पर सेंदरी थाना प्रभारी को जांच सौंपी है और एसआईटी का गठन किया गया है। पार्टी का कहना है कि प्रमोद अहिरवार घटना के वक्त मौके पर मौजूद नहीं था। सबूतों और जांच के दौरान पाया गया कि प्रथम दृष्टया वह घटना स्थल पर मौजूद थें। अभी तक जांच में यह नहीं पाया गया है कि प्रमोद अहिरवार उस वक्त घटना पर मौजूद नहीं थे। आज 90 कार्यकर्ताओं ने अपनी गिरफ्तारियां दीं हैं और ज्ञापन के जरिए अपनी मांग रखी है।

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