निवेश के नाम पर 1.80 करोड़ की ठगी:मोटे मनुाफे का लालच देकर फंसाया, फिर ऑफिस बंद कर हुए फरार

जोधपुर में 1.80 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने वीडियो रील देखकर आरोपियों से संपर्क किया। इसके बाद आरोपियों ने उसे मोटे मुनाफे का लालच देकर इंवेस्टमेंट के नाम पर रुपए ठग लिए।
कुड़ी भगतासनी थाने में न्यायालय परिवाद के जरिए दी रिपोर्ट में कनार्टक के जिला बीजापुर के सालोटगी निवासी पीड़ित ने बताया कि सिद्वपा भीमराय पडशेटी ने बताया- साल 2022 मैंने ऑनलाईन यूट्यूब पर केपमोर एपेक्स का विडियों रिल विज्ञापन देखा, जिस विज्ञापन में एक अजय आर्य नामक व्यक्ति केपमोर एपेक्स कम्पनी में रूपया लगाकर मोटा मुनाफा कमाने का प्रचार कर रहा था। उसकी कम्पनी द्वारा कई लोगों को ट्रेडिंग करने की ट्रेनिंग दिये जाने के बारे में बताया गया था। विज्ञापन देखकर मैंने विज्ञापन में बताये गये मोबाइल नंबर पर अपने मोबाईल से सम्पर्क किया तो मेरी अजय आर्य से बातचीत हुई, जिस बातचीत में उसने मुझे विश्वास में लेते हुए बताया कि मैं गंगानगर का रहने वाला हूं और हमारी कम्पनी के अनेक शहरों में कार्यालय है। आप हमारी कम्पनी में रूपये लगाने के इच्छुक हो तो आप जिस शहर में बुलाये वहाँ पर आकर मिटिंग करते हैं, आप हमारे से जुड़ने पर अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते है. पीड़ित ने रिपोर्ट में बताया कि वह इसी झूठे प्रलोभन पर विश्वास करते हुए वह अजय से जोधपुर में मिटिंग के लिए मिलने के लिए मई 2022 में अजय के बताये गये पते पर कुडी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड, जोधपुर अपने साथी गोपाल राठौड़ और अन्य साथीयों के साथ पहुचा। वहां पर अजय आर्य ने पीड़ित और उसके साथियों को कम्पनी के अन्य हिस्सेदारों से मिलाया, जिनका नाम सौरभ चावला, बलजीतसिंह, करमजीतसिंह, राजेन्द्र, लजपत आर्य, दीपक आर्य थें। इन सभी हिस्सेदारों ने अजय आर्य के साथ मिलकर उसे यह भरोसा दिलाया कि उक्त कम्पनी में इन्वेस्टमेंट करने पर काफी अच्छा मुनाफा होता है, जिसकी गारन्टी हमारी हैं, हमारी कम्पनी जो भी राशि निवेश करती है, वह राशि हम किप्टो करन्सी, फोरेक्स मार्केट इत्यादि में रूपयां लगाते है, जिससे अच्छा खासा मुनाफा होता है।
पीड़ित को आरोपियों ने बताया कि आपका एक एक रुप.ा अच्छी जगह इन्वेस्ट करेंगे, किसी भी तरह से आपका रूपयां नही डूबेगा। आपका रूपयां अच्छे मुनाफे राहित वापिस देने की गारन्टी हमारी होगी। इस तरह के झूठे प्रलोभन व आश्वासन से पीड़ित और उसके अन्य साथीयों को विश्वास दिलाया, जिस पर पीड़ित ने जोधपुर में 10 लाख अजय आर्य को उसके कहे अनुसार दे दिए। आरोपियों ने पीड़ित और उनके अन्य साथियों को यह विश्वास दिलाया कि आप अपने राज्य में जाकर अपने अपने परिचितों से रूपयां एकत्रित करें। कम्पनी में निवेश करावें, अच्छा खासा मुनाफा होगा, जिस पर सिद्वपा और उसके साथियों ने अपने परिचितों को इस स्कीम के बारे में बताया और अजय आर्य ने हमारे परिचितों से भी फोन पर आश्वासन दिया कि आपका रुपया परा अच्छा खासा मुनाफा मिलेगा। कर्नाटक जाकर की मीटिंग रिपोर्ट के अनुसार अजय आर्य ने अपने साथियों को लेजाकर कर्नाटक में मीटिंग की। जब जब अजय आर्य व उसके अन्य हिस्सेदार मीटिंग के लिए आते तो पीड़ितों से लाखों रूपयें सिद्वपा के माध्यम से जमा होते, वह रोकड़ ले जातें। अजय आर्य व उनके हिस्सेदारों ने कम्पनी में रोकड़ निवेश और ऑनलाईन पैसे लेते। दोनों माध्यम से लाखों रूपये ऑनलाईन अजय आर्य व उनके हिस्सेदारो के कहे अनुसार भुगतान किये गये। अजय आर्य व उनके हिस्सेदारों ने कई बार कुडी भगतासनी, जोधपुर भी पीड़ितों को बुलाया, जिस पर कई बार जोधपुर आये और लाखों रूपये रोकड भी दिये। अजय आर्य व कम्पनी के अन्य हिस्सेदारों सौरभ चावला, उनकी पत्रि सलोनी चावला, कर्मजीतसिंह, बलवीतसिंह, राजेन्द्रसिह, लजपत आर्य, दीपक आर्य जो कर्नाटक आते जाते रहते थे। उन्होंने कनार्टका में दी टिचेबल टेक नामक ऑफिस खोला है और पीड़ितों को ट्रेनिंग हेतु वहां पर बुलाकर ट्रेनिंग भी दी। अजय आर्य व उसके पिता लजपत आर्य व उसके भाई दीपक आर्य विभिन्न जगह ट्रेनिंग देने के नाम पर भी पीड़तों बताते कि कई शहरों में लोग हमारी कम्पनी में इन्वेस्ट कर रहे है। इसी आश्वासन व विश्वास के साथ पीड़ितों ने मई 2022 से जुलाई 2023 तक अलग अलग समय पर उक्त कम्पनी में निवेश किये जाने के नाम पर करीबन1,80,00,000 रूपये ऑनलाईन व रोकड़ के माध्यम से अजय आर्य को अदा किये। अजय आर्य व उनके हिस्सेदारों ने सभी लोगों को यह भरोसा दिलाया कि आपके निवेश पर अच्छा खासा मुनाफा देने की गारन्टी मेरी है। पीड़तों में सिद्वपा के द्वारा 10 लाख रूपये , अम्बादास चौहान द्वारा 12 लाख रूपये, शोभा चौहान द्वारा 5 लाख रुपए, अजीत राठौड द्वारा 5.80 लाख, अर्चना सड़गे द्वारा 2 लाख, बिनु फांशीश द्वारा 3 लाख रूपये ऑनलाईन (8) प्रमोद उमर जी द्वारा 25,00,000 रूपये रोकड़ (9) पवन कुमार जायसवाल द्वारा 3,75,000 रूपये ऑनलाईन, (10) मिनाक्षी पाटिल द्वारा 1,80,000 रूपये ऑनलाईन, (11) योगीराज चौहान द्वारा 4,00,000 रूपये रोकड़ (12) मिनाक्षी तारे द्वारा 2,00,000 रूपये ऑनलाईन (13) अंजली चौहान द्वारा 6,00,000 रूपये रोकड़ (14) शकील अहमद अरब द्वारा 8,00,000 रूपये रोकड़ (15) सचिन राठौड द्वारा 5,00,000 रूपये रोकड़ (16) मोहम्मद रफीक अरब द्वारा 10,00,000 रूपये रोकड़ (17) सद्दाम अलगी द्वारा 3,00,000 रूपये रोकड़, (18) आवेश पठान द्वारा 4,00,000 रूपये रोकड़, (19) शशिकला सुधार द्वारा 14,40,000 रूपये 4,95,000 रूपये रोकड (20) गोपाल राठौड द्वारा 1,60,000 रूपये रोकड़ (21) स्वानन्द बडगेर द्वारा 2,00,000 रूपये रोकड (22) रेखा रोडगी द्वारा 3,00,000 रूपये रोकड, (23) भीमसिंह लालसंगी द्वारा 2,00,000 रोकड़ (24) राजू मलिक द्वारा 5,00,000 रूपये रोकड (25) महानन्दा મીતાસના, નાકપુર મા મુજ્ઞ વ મર સાયાયા ના દુભાવા, નસ પર હૂમ વરૂ વાર નાધપુર બાય ભારે તાવા રૂપય રાત્મક મા दिये। अजय आर्य व कम्पनी के अन्य हिस्सेदारों सौरभ चावला, उनकी पत्रि सलोनी चावला, कर्मजीतसिंह, बलवीतसिंह, राजेन्द्रसिह, लजपत आर्य, दीपक आर्य जो कर्नाटक आते जाते रहते थे, इसी दरम्यान उन्होंने बताया कि कनार्टका में दी टिचेबल टेक नामक ऑफिस खोला है और उन्होंने मेरे व मेरे अन्य साथीयों व परिचितों को ट्रेनिंग हेतु वहाँ पर बुलाकर ट्रेनिंग भी दी, यही नहीं अजय आर्य व उसके पिता लजपत आर्य व उसके भाई दीपक आर्य विभिन्न जगह ट्रेनिंग देने के नाम पर भी हमें बताते कि कई शहरों में लोग हमारी कम्पनी में इन्वेस्ट कर रहे है। यही नहीं अजय आर्य अपने आपको उत्तः कम्पनी का मालिक बताता और यह बाकी के लोग अपने आपकी हिस्सेदार बताते। यह लोग हर समय यही विश्वास देते कि आपका रूपयां मुनाफे सहित अदा किया जावेगा, किसी भी प्रकार से नुकसान होगा तो उसकी राशि व्याज सहित हम सभी देंगे, यह बात अजय आर्य व उनके हिस्सेदारों द्वारा मेरे व मेरे अन्य साथीयों व परिचितों के सामने दी, इसी आश्वासन व विश्वास के साथ मई 2022 से जुलाई 2023 तक अलग अलग समय पर उक्त कम्पनी में निवेश किये जाने के नाम पर करीबन 1,80,00,000 रूपये अक्षरे एक करोड अस्सी लाख रूपये करीबन ऑनलाईन व रोकड़ के माध्यम से अजय आर्य को अदा किये, उक्त रूपये प्राप्त किये जाने के पश्चात् अजय आर्य व उनके हिस्सेदारों ने मुझे व अन्य सभी लोगों को यह भरोसा दिलाया कि आपका रूपयां निवेश कर उसमें अच्छा खासा मुनाफा देने की गारन्दी मेरी है। अजर्य आर्य व उनके हिस्सेदारों के कहने पर मेरे व अन्य लोगों द्वारा उक्त रूपये अजय आर्य को बताये अनुसार दिये गये, जिसमें (1) मुझ प्रार्थी द्वारा 10,00,000 रूपये रोकड (2) अम्बादास चौहान द्वारा 12,00,000 जिसमें 8 लाख रूपये रोकड़ व 4 लाख रूपये ऑनलाईन (3) शोभा चौहान द्वारा 5,00,000 जिसमें से 1,50,000 रूपये रोकड व 3,50,000 रूपये ऑनलाईन (4) अजीत राठौड द्वारा 5,80,000 जिसमें से 3,80,000 रूपये रोकड़ व रूपये जिसमें 2,00,000/- रूपये ऑनलाईन (5) रूपाली पीथा 1,00,000 30,000 रूपये रोकड व 70,000 रूपये ऑनलाईन (6) अर्चना सड़गे द्वारा 2,00,000/- ऑनलाईन (7) बिनु फांशीश द्वारा 3 लाख रूपये ऑनलाईन (8) प्रमोद उमर जी द्वारा 25,00,000 रूपये रोकड़ (9) पवन कुमार जायसवाल द्वारा 3,75,000 रूपये ऑनलाईन, (10) मिनाक्षी पाटिल द्वारा 1,80,000 रूपये ऑनलाईन, (11) योगीराज चौहान द्वारा 4,00,000 रूपये रोकड़ (12) मिनाक्षी तारे द्वारा 2,00,000 रूपये ऑनलाईन (13) अंजली चौहान द्वारा 6,00,000 रूपये रोकड़ (14) शकील अहमद अरब द्वारा 8,00,000 रूपये रोकड (15) सचिन राठौड द्वारा 5,00,000 रूपये रोकड़ (16) मोहम्मद रफीक अरव द्वारा 10,00,000 रूपये रोकड़ (17) सद्दाम अलगी द्वारा 3,00,000 रूपये रोकड़, (18) आवेश पठान द्वारा 4,00,000 रूपये रोकड़, (19) शशिकला सुधार द्वारा 14,40,000 रूपये 4,95,000 रूपये रोकड (20) गोपाल राठौड द्वारा 1,60,000 रूपये रोकड़ (21) स्वानन्द बडगेर द्वारा 2,00,000 रूपये रोकड (22) रेखा रोडगी द्वारा 3,00,000 रूपये रोकड, (23) भीमसिंह लालसंगी द्वारा 2,00,000 रोकड़ (24) राजू मलिक द्वारा 5,00,000 रूपये रोकड (25) महानन्दा
सोलंकर द्वारा 5,00,000 रूपये रोकड़ (26) नरसवा द्वारा 28,00,000 रूपये रोकड़ (27) रेवती तोरगल द्वारा 17,30,000 रूपये रोकड़ दिये गये। उक्त सभी कम्पनी में इन्वेस्ट के नाम पर अजय आर्य ने रूपये ले लिये। अजय आर्य इस पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाईन्ड था, जिसके द्वारा ज्यादातर यह कहकर रोकड़ रूपये लिये जाते कि रोकड़ रूपये एप के माध्यम से इन्वेस्ट करने पड़ते है, और उसी विश्वास पर हम सभी लोगों ने उत्क्त रूपये रोकड़ ज्यादातर अजय आर्य को कम्पनी में निवेश के नाम पर दिये और ऑनलाईन उसके बताये अनुसार खाते में भी डाले गये। हम सभी लोगों ने अपनी मेहनत की जमा पूंजी इनके विश्वास पर अजय आर्य को कम्पनी में निवेश करने पर मोटा मुनाफा का प्रलोभन देने पर अदा की हैं। इसके बाद अजय आर्य व उसके साथीयों ने विजयापुरा कनार्टक में खोला गया ऑफिस बन्द कर दिया, और अजय आर्य गंगानगर आ गया, उससे बार-बार मिलने पर झूठे आश्वासन पर आश्वासन देते हुए कोई न कोई बहाने बाजी करते हुए रूपये दिये जाने का आश्वासन देता रहा, अब अपने घर से गायव हो गया है, कहीं नहीं मिल रहा है, फोन बन्द कर दिया है, अभी हाल ही में पता चला कि इस अजय आर्य व इसके साथी लोगों ने हमारे जैसे कई लोगों के साथ इसी तरह की करोड़ो की ठगी की हैं, और हमारे से ठगी गई राशि को अपने व अपने परिवारों के नाम प्रोपर्टी करवाकर लगा दी है। इस तरह मेरे व मेरे परिचितों की मेहनत की कमाई जो अजय आर्य द्वारा कम्पनी में निवेश के नाम पर ली गई थी, को ऑनलाईन प्रचार प्रसार के जरिये प्रलोभन देते हुए जोधपुर कुडी भगतासनी बुलाकर विश्वास दिलाकर बाद में समय समय पर विभिन्न समयावधि में करोड़ों रूपये लेते हुए धोखाधड़ी कपटपूर्ण तरीके से सुनियोजित पडयंत्र करते हुए ठगी कर अपराध कारित किया है।
इनके खिलाफ मामला दर्ज 1. अजय आर्य पुत्र लजपत आर्य , दीपक आर्य पुत्र लजपत आर्य, 3. लजपत आर्य पुत्र नामालुम, निवासीगण अम्बिका सिटी, श्री गंगानगर 0 4. सौरभ चावला 5. सलोनी चावला पत्नी सौरभ चावला निवासीगण श्रीगंगानगर 6. करमजीतसिंह पुत्र नामालुम, निवासी गंगानगर 7. बलजीतसिंह पुत्र नामालुम, निवासी-श्री गंगानगर 8. राजेन्द्रसिंह पुत्र नामालूम, निवासी श्री गंगानगरव

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