निवेश बंटा कैसे?:समिट में 61% से ज्यादा निवेश इंदौर-भोपाल जोन को… 83 एमओयू में से 51 इन्हीं के पास

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में निवेशकों ने इंदौर और भोपाल जोन में ही सबसे अधिक निवेश की संभावनाएं तलाशी हैं। भोपाल में दो दिन तक चले निवेश महाकुम्भ में 10 अलग-अलग सेक्टर में कुल 83 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इनमें से सर्वाधिक 29 एमओयू इंदौर जोन तो 22 भोपाल जोन में आए। यानी 61% निवेश यहीं आया। भोपाल जोन में भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ जिले शामिल हैं। वहीं, इंदौर जोन में इंदौर, धार, बुरहानपुर, अलीराजपुर, झाबुआ, खरगौन, खंडवा और बड़वानी शामिल हैं।
जबलपुर जोन को 9, रीवा जोन को 7, शहडोल को 5 और नर्मदापुरम को 4 एमओयू हासिल हुए हैं। उज्जैन को 2, ग्वालियर और चंबल संभाग को सिर्फ एक-एक एमओयू मिले हैं। पर्यटन के क्षेत्र में 10 बड़े ने होटल इंडस्ट्री में के प्रस्ताव दिए हैं, इनमें इंदौर में और 4 भोपाल में दिए गए हैं। भोपाल में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में जिंदल इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी, केपीआई ग्रीन एनर्जी, सेकलिंक रिन्यूएबल्स और ट्राइडेंट लिमिटेड ने प्रस्ताव दिया है। पर्यटन क्षेत्र में फीलडे रूम्स एंड होटल्स, ट्रेजर ग्रुप निवेश करेंगी। भोपाल में आईटी में 4600 करोड़ के प्रस्ताव मप्र में पहली बार आईटी नीति जारी हुई। इसमें एनिमेशन, विजुअल इफैक्ट्स, गेमिंग में निवेश को सरल बनाया गया। इसी का असर है कि अकेले भोपाल में जीसीसी, डाटा सेंटर और एनिमेशन, ग्राफिक्स में 4600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए। अमेजन, गूगल और एपल जैसी वैश्विक कंपनियां भोपाल आ सकें, इसलिए 500 करोड़ रु. से बनेगा पहला ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर

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