गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में 8वीं की छात्रा अपने मां-पिता और दादी को खाने में नींद की दवा मिलाकर सुला देती थी। इसके बाद रात के अंधेरे में पड़ोस में रहने वाले प्रेमी से मिलने जाती थी। एक महीने पहले प्रेमी ने ही छात्रा को अलप्राजोलम टैबलेट का पत्ता देना शुरू किया था। खत्म होने पर दूसरा देता था। जिसे वह रैपर से निकालकर गोलियां एक शीशी मेंं रखती थी। यह बातें पुलिस की जांच में सामने आ रही है। वहीं डॉक्टर का कहना है कि दवा का लगातार सेवन दिमाग पर गहरा असर डाल सकता है। इसके हाई डोज से परिवार के लोग कोमा में भी जा सकते थे। इस दवा को हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लिया जाता है। पुलिस अब लगातार प्रेमी को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। सूत्रों की मानें तो 22 साल का प्रेमी गुजरात के किसी शहर मेंं काम करता था। घटना के बाद वह फिर से गुजरात भाग गया है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही है। उसके माेबाइल नंबर को ट्रेस करने पर उसकी लोकेशन गुजरात में मिली है। जिसके बाद पुलिस उसे पकड़ने के लिए प्रयास शुरू कर दिया है। पुलिस का यह भी कहना है कि बिना पर्चे के यह दवा किसी को नहीं मिल सकती है। युवक हमेशा अल्प्राजोलम का पत्ता खरीदता था। उसे पकड़ने के बाद जहां से दवा लेता था, उस दुकानदार पर भी पुलिस कार्रवाई कर सकती है।
खाने में मिलाकर छात्रा देती थी दवा पुलिस की जांच में सामने आया है कि प्रेमी ने छात्रा के साथ मिलकर रात में मिलने के लिए प्लान बनाया था। इधर करीब 2 माह से वह छात्रा को अल्प्राजोलम का पत्ता खरीदकर देता था। चालाकी दिखाते हुए छात्रा पत्ते से सारी दवा निकालकर एक शीशी में रखती थी। ताकि कोई दवा का नाम न जान पाए। रात के समय जैसे ही खाना बनना शुरू होता था, वह घर के कीचन में एक्टिव हो जाती थी। जैसे ही सारा खाना बन जाता था। दाल या सब्जी में चार से पांच गोली दवा पीसकर मिला देती थी। जिसे खाने के थोड़ी देर बाद ही मां-पिता और दादी गहरी नींद में सो जाते थे। इसके बाद बड़े आराम से वह रात को पड़ोस में रहने वाले प्रेमी से मिलने जाती थी। भोर में उठने से पहले ही वह घर वापस आ जाती थी। भेद खुलने पर 10 जनवरी को पिता ने पड़ोस में रहने वाले युवक के खिलाफ गुलरिहा थाने में एप्लिकेशन दी। शनिवार को पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में FIR दर्ज कर आरोपी की तलाश में दबिश दी, लेकिन वह फरार हो गया। आरोपी युवक पेंट-पॉलिश का काम करता है। लड़का और लड़की दोनों निषाद समाज के हैं। डॉक्टर बोलीं- अल्प्राजोलम का प्रतिदिन सेवन खतरनाक जिला अस्पताल की डॉ. विश्व ज्योति ने बताया अल्प्राजोलम टैबलेट का लगातार सेवन या फिर ओवर डोज के बहुत से साइड इफेक्ट्स होते हैं। जिनमें सबसे पहले तो स्लीप साइकल डिस्टर्ब होना, हर समय सुस्ती रहना, यादाश्त कमजोर होना, हमेशा चिड़चिड़ा और झुझलाहट होना। इसका सीधा असर मानसिक शांति पर पड़ता है। जिसकी वजह से दिमाग कमजोर होता है और ठीक से फंक्शन नहीं करता है। सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला ‘बेटी का व्यवहार बदला, खाना खाते ही नींद आ जाती थी’
गुलरिहा थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 साल की लड़की रहती है। पिता मुंबई में पेंटिंग का काम करते हैं। घर पर मां और बुजुर्ग दादी रहती हैं। एक महीने पहले मुंबई से पिता घर आए। उन्होंने बेटी के व्यवहार में काफी बदलाव देखा। हमेशा मोबाइल पर बातें करना, देर तक घर से गायब रहने की आदत देखकर वह बेटी को डांट-फटकार भी लगाते थे। पिता को अक्सर रात में खाना खाने के बाद अजीब-सा महसूस होने लगता था। इसके बाद उन्हें बहुत तेज नींद आती थी। इस बारे में उन्होंने अपनी पत्नी समेत पूरे परिवार को बताया। तब पत्नी और बुजुर्ग मां ने भी कहा कि उनके साथ भी यही होता है। लेकिन, बेटी कुछ नहीं बोली। वह चुपचाप सबकी बातें सुनती रही। रोज रात को बेटी खाना खिलाते समय ज्यादा एक्टिव हो जाती थी। तब उन्हें बेटी पर शक हुआ। उन्होंने पुलिस को बताया कि मैंने पत्नी के साथ मिलकर प्लान बनाया। तीन जनवरी की रात को खाना तो आया, लेकिन मैं और मेरी पत्नी ने उसे छिपा दिया। दोनों ने ही खाना नहीं खाया। माता-पिता ने सोने का नाटक कर बेटी को पकड़ा
पिता ने बताया- 3 जनवरी की रात मैं और मेरी पत्नी ने अपने कमरे में जाकर सोने का नाटक किया। रात 11:30 बजे कुछ आवाज आई। चुपके से बाहर निकलकर देखा तो बेटी शॉल ओढ़कर कहीं जा रही थी। उसके पीछे-पीछे हम लोग भी निकले। 200 मीटर दूर जाकर पड़ोस में रहने वाले युवक के घर के अंदर बेटी गई। बाहर से युवक उसे अंदर लेकर गया। इस दौरान एक कमरे में बेटी को युवक के साथ हम लोगों ने पकड़ लिया। पिता बोले- युवक ने बेटी का माइंड वॉश किया
पिता ने बताया- इसके बाद मैंने बेटी को डांट-फटकार कर पूरी बात पूछी। तब उसने बताया कि एक साल से अधिक समय से पड़ोसी युवक के संपर्क में है। युवक पहले मोबाइल पर बातें करता था। उसने ही खाने में नींद की दवा मिलाने का आइडिया दिया था। उसके कहने पर खाने में चुपके से दवा मिलाती थी। दवा भी वही लाकर देता था। पकड़े जाने के बाद गांव में 4 जनवरी को पंचायत हुई। माफी मांगते हुए युवक ने आगे ऐसा नहीं करने की बात कही थी, लेकिन उसकी आदत में सुधार नहीं आया। उसके घर जाकर शिकायत करने पर युवक ने जान से मारने की धमकी दी और घर से कहीं भाग गया। तब जाकर पिता ने गुलरिहा थाने में एप्लिकेशन दी। गुलरिहा थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया- आरोपी के खिलाफ छेड़खानी, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी सहित पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर किया गया है। परिजनों ने बताया कि आरोपी ने किशोरी को मोबाइल फोन देकर बातचीत शुरू की थी। धीरे-धीरे उसे प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद उसने रात में मिलने के लिए माता-पिता को बेहोश करने की साजिश रची। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। वह बाहर रहकर काम करता था, घटना के बाद भी वहीं पर भाग कर गया है। बहुत जल्द उसे अरेस्ट कर लिया जाएगा


