रांची यूनिवर्सिटी में 25 विषयों में नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर (लेक्चरर) के 299 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया चल रही है। इसमें 15 विषयों का एकेडमिक प्वाइंट जारी कर दिया गया है। आरयू प्रशासन ने अभ्यर्थियों को एक मौका देते हुए कहा है कि जो एकेडमिक प्वाइंट से संतुष्ट नहीं हैं या किसी भी तरह का ग्रिवांस है तो 16 जनवरी तक आरयू मुख्यालय स्थित प्रॉक्टर कार्यालय में साक्ष्य के साथ आवेदन शाम पांच बजे तक जमा कर सकते हैं। मंगलवार को अवकाश रहने के बाद भी आपत्तियों के निराकरण के लिए गठित वीसी डॉ. अजीत कुमार सिन्हा की अध्यक्षता वाली कमेटी के सदस्यों ने चर्चा के बाद अभ्यर्थियों को आपत्ति देने के लिए एक अवसर देने का निर्णय लिया है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया है विषय वाइज पद का पांच गुना अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए आमंत्रित किया है। वहीं डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद पद का तिगुना यानि एक पद के विरुद्ध तीन अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए आमंत्रित किया जाएगा। कमेटी में वीसी के अलावा डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहू, रजिस्ट्रार डॉ. बिनोद नारायण, प्रॉक्टर डॉ. मुकुंद मेहता और डिप्टी रजिस्ट्रार-1 डॉ. प्रीतम कुमार शामिल थे। कमेटी द्वारा कई बिंदुओं पर चर्चा की। ताकि त्रुटि रहित नियुक्ति इंटरव्यू का आयोजन की जा सके। इन बिंदुओं पर यह है कमेटी का जवाब 1. आरक्षण : सरकार की आरक्षण पॉलिसी का अनुपालन होगा। बीसी-1 और बीसी-2 कोटि के लिए अलग-अलग सर्टिफिकेट देना होगा। कुछ अभ्यर्थियों ने ओबीसी का सर्टिफिकेट जमा कर दिया है। एसडीओ से नीचे रैंक के अधिकारी द्वारा जाति प्रमाण पत्र मान्य नहीं होगा। रेगुलेशन के अनुसार दिव्यांग को होरिजेंटल आरक्षण मिलेगा। 2. सिर्फ गेस्ट फैकल्टी का आवेदन स्वीकार : आरयू में नीड बेस्ड लेक्चरर की नियुक्ति के लिए मार्च 2024 में आवेदन आमंत्रित किया था। इसके बाद दूसरी बार उच्च शिक्षा विभाग के पत्र के आलोक में अक्टूबर में आरयू के गेस्ट फैकल्टी को आवेदन देने का मौका दिया गया था। लेकिन दूसरे विवि के गेस्ट फैकल्टी समेत अन्य अभ्यर्थियों ने आवेदन कर दिया, जिसे रिजेक्ट कर दिया है। सिर्फ आरयू के गेस्ट फैकल्टी का आवेदन स्वीकार किया गया है। 3. यूजीसी लिस्टेड व पीयर रिव्यू रिसर्च पेपर मान्य : नीड बेस्ड लेक्चरर के लिए यूजीसी लिस्टेड जर्नल में प्रकाशित और पीयर रिव्यू रिसर्च पेपर ही मान्य होंगे, जिसके लिए तय अंक दिए जाएंगे। बताते चलें कि दर्जनों अभ्यर्थियों का रिसर्च पेपर मानक को पूरा नहीं कर रहा है, जिसे रिजेक्ट कर दिए जाएंगे। 4. यूजी-पीजी की क्लास लेने वाले को ही मिलेंगे शैक्षणिक अनुभव के अंक : नीड बेस्ड लेक्चरर नियुक्ति में यूजी-पीजी स्तर पर क्लास लेने वाले को ही शैक्षणिक अनुभव का अंक दिए जाएंगे। कई ने इंटर की कक्षा लेने का प्रमाण पत्र जमा कर दिया है, जिसे रिजेक्ट किया जाएगा। अनुभव प्रमाण पत्र का सर्टिफिकेट यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार या अल्पसंख्यक कॉलेजों के मान्य पद द्वारा जारी सर्टिफिकेट ही मान्य होगा। 5. 75% सिलेबस समतुल्य जरूरी : कुछ ऐसे भी अभ्यर्थी हैं, जो मिलते-जुलते विषय में आवेदन कर दिए हैं। लेकिन कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि जिस विषय के लिए आवेदन जमा किए हैं, उसके 75 प्रतिशत सिलेबस के अनुसार डिग्री होनी चाहिए। संबंधित विषय के सिलेबस के अनुसार जिन अभ्यर्थियों ने पढ़ाई नहीं की है, उनका आवेदन रिजेक्ट होगा।


