नीमच जिले के ग्राम दड़ौली की 80 वर्षीय कमला देवी नागौरी के निधन के बाद परिजनों ने उनका देहदान और नेत्रदान किया। समाजजनों ने बताया कि उनके इस निर्णय से न केवल चिकित्सा शिक्षा को लाभ मिलेगा, बल्कि दृष्टिहीन लोगों के जीवन में भी नया उजाला आएगा। परिजन बोले- अंतिम इच्छा का सम्मान किया परिजनों ने बताया कि कमला देवी धार्मिक प्रवृत्ति की और मृदुभाषी व्यक्तित्व की थीं। उनकी अंतिम इच्छा थी कि उनका पार्थिव शरीर मेडिकल स्टूडेंट्स की शिक्षा में काम आए। परिवार ने उनकी इस इच्छा का सम्मान करते हुए देहदान और नेत्रदान का साहसिक कदम उठाया। मेडिकल कॉलेज तक सम्मानपूर्वक यात्रा निकली लायंस क्लब की मदद से कमला देवी का पार्थिव शरीर ग्राम दड़ौली से लायन डेन पहुंचाया गया। वहां से बैंड-बाजों और सम्मान के साथ वीरेंद्र कुमार सकलेचा मेडिकल कॉलेज तक ले जाया गया। मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रशासन ने उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर सम्मानित किया। देहदान और नेत्रदान में नया रिकॉर्ड लायंस क्लब के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने बताया कि कमला देवी का देहदान इस क्लब के तहत 54वां और नेत्रदान 2725वां रहा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि समाज में बढ़ती जागरूकता और परोपकार की भावना का प्रतीक है।


