नीमच के श्रद्धालु से सांवलिया सेठ मंदिर में मारपीट:फोटो खींचने पर सुरक्षाकर्मियों ने कमरे में बंद कर पीटा; नाक की हड्डी टूटी

नीमच जिले के कुकड़ेश्वर निवासी 24 वर्षीय युवक के साथ राजस्थान के प्रसिद्ध श्री सांवलिया जी मंदिर में मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि निजी सुरक्षा कंपनी टाइगर फोर्स के सुरक्षाकर्मियों ने युवक प्रियांशु मालवीय के साथ मारपीट की, जिसमें उसकी नाक की हड्डी टूट गई। फोटो लेने पर हुआ विवाद पीड़ित प्रियांशु पिता ओमप्रकाश मालवीय ने बताया कि वह मंदिर के भेंट कक्ष के पास कॉरिडोर में फोटो ले रहा था। इसी दौरान टाइगर फोर्स के एक गार्ड ने उसे रोका। प्रियांशु ने बताया कि उसने तुरंत फोटो लेना बंद कर दिया, इसके बावजूद गार्ड ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब उसने पवित्र परिसर में अपशब्द न बोलने का अनुरोध किया, तो सुरक्षाकर्मी और भड़क गए। सीसीटीवी से दूर ले जाकर की पिटाई आरोप है कि सुरक्षाकर्मी प्रियांशु को जबरन एक ऐसे कक्ष में ले गए, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। वहां चार-पांच गार्ड्स ने मिलकर उसकी पिटाई की। मारपीट में उसके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और नाक की हड्डी फ्रैक्चर हो गई। नाक और पैर से खून बहने लगा। मोबाइल तोड़ने और सबूत मिटाने का आरोप प्रियांशु ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसका मोबाइल तोड़ने की कोशिश की गई और उसमें मौजूद फोटो-वीडियो जबरन डिलीट कराए गए। फर्श पर फैले खून को उसके रूमाल से साफ करवाया गया। बाद में एम्बुलेंस बुलाकर उसे अस्पताल भिजवाया गया। दोस्तों ने पहुंचकर छुड़ाया काफी देर बाद जब उसके दोस्त तलाश करते हुए पहुंचे, तब उसे अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद प्रियांशु मंदिर प्रशासन और अध्यक्ष के पास शिकायत लेकर पहुंचा, लेकिन वहां भी उसे विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने शिकायत न करने का दबाव बनाया और धमकियां दीं। घटना के बाद मंडफिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने उसकी लिखित शिकायत लेने से मना कर दिया। थानाधिकारी गोकुल डांगी ने बताया कि जांच के दौरान संबंधित गार्ड मौके पर नहीं मिला और उसका नाम भी स्पष्ट नहीं हो सका। मंदिर मंडल की ओर से दोनों पक्षों में समझौता कराया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों की कुछ न कुछ गलती सामने आई है। पहले भी लग चुके आरोप इससे पहले 25 जून को अमावस्या के दिन भी टाइगर फोर्स के गार्ड्स पर श्रद्धालुओं के साथ मारपीट के आरोप लगे थे। लगातार ऐसे मामलों से मंदिर की छवि पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने की जांच की मांग पीड़ित और उसके परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी सुरक्षाकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर परिसर में सुरक्षा के नाम पर हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

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