भीम आर्मी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सोमवार दोपहर आजाद थाने पर धरना दिया। संगठन ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी दलित और आदिवासी वर्ग के फरियादियों की शिकायतों पर पिछले आठ-नौ महीनों से कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। धरने के दौरान ‘जय भीम जय भीम, थाना प्रभारी तुम्हारी तानाशाही नहीं चलेगी, दलितों पर अत्याचार बंद करो’ जैसे नारे गूंजते रहे। कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के बैनर तले न्याय की मांग को लेकर थाने पहुंचे हैं। शिकायत हो रही दर्ज, लेकिन कार्रवाई नहीं भीम आर्मी पदाधिकारियों का आरोप है कि अजाक थाना विशेष रूप से दलित एवं आदिवासी वर्ग के लिए स्थापित किया गया है, लेकिन वर्तमान थाना प्रभारी शिकायतों को केवल दर्ज कर लेते हैं। जांच और कार्रवाई के नाम पर मामलों को लगातार टाला जा रहा है। संगठन ने हाल ही की एक घटना का जिक्र किया, जिसमें एक रसूखदार व्यक्ति ने बीच बाजार में एक गरीब दलित युवक के साथ मारपीट की थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद अब तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है। भीम आर्मी के पदाधिकारी गोविंद ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके द्वारा लाए गए मामलों में से कम से कम एक प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि कई अन्य दलित फरियादी भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। टीआई ने दी सफाई इस संबंध में अजाक थाना प्रभारी शब्बी मेव ने बताया कि जिन तीन-चार मामलों को लेकर धरना दिया जा रहा है, उन सभी में जांच चल रही है। उन्होंने अंबेडकर मार्ग पर हुई मारपीट की घटना के बारे में बताया कि रविवार को शिकायत मिली थी और सोमवार को फरियादी को बयान के लिए बुलाया गया था, जिसमें प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।


