नीलकंठ इंफ्रा माइनिंग में मजदूरों को मिल रहा कम वेतन:अनूपपुर में राष्ट्रीय कॉलरी वर्कर्स फेडरेशन ने सौंपा ज्ञापन; आंदोलन की चेतावनी

आमाडांड ओपन कास्ट माइंस में कार्यरत नीलकंठ इंफ्रा माइनिंग लिमिटेड पर ठेका मजदूरों को निर्धारित वेतन से कम भुगतान करने और अन्य सुविधाएं न देने का आरोप लगा है। राष्ट्रीय कॉलरी वर्कर्स फेडरेशन ने मंगलवार सुबह कंपनी के एचआर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें जल्द मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें श्रम और रोजगार मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार 1350 रुपए के बजाय केवल 650 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। वे पिछले लगभग 18 महीनों से ओबी (ओवरबर्डन) और कोयला खनन का काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उचित कार्यदशाएं, निर्धारित वेतन और अन्य आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इन मांगों पर ज्ञापन दिया फेडरेशन ने कई अन्य मांगें भी रखी हैं। इनमें कार्यरत सभी श्रमिकों को अवकाश के दिन काम करने पर ओवरटाइम या दो हाजिरी देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सभी श्रमिकों के भविष्य निधि खातों को ईपीएफ से सीएमपीएफ में बदलने और सालाना बोनस के रूप में वेतन का 8.33% एचपीसी दर से भुगतान करने की मांग की गई है। कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा अधिसूचित 2025 के सभी पेड हॉलीडे में श्रमिकों को तीन हाजिरी देने की भी मांग है। श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए, फेडरेशन ने मांग की है कि किसी भी श्रमिक को गलती के लिए काम से बैठाने से पहले नोटिस दिया जाए। इस नोटिस में बैठने का कारण और निर्धारित समय सीमा स्पष्ट रूप से लिखी होनी चाहिए, जिसकी एक प्रति श्रमिक को और दूसरी नोटिस बोर्ड पर चिपकाई जाए।साथ ही, काम से बैठाने के बाद किसी भी श्रमिक को दोबारा काम पर न लिया जाए (री-जॉइनिंग न हो), क्योंकि इससे श्रमिक की ग्रेच्युटी प्रभावित होती है। कार्यरत सभी श्रमिकों को दुर्घटना बीमा पॉलिसी की एक प्रति उपलब्ध कराई जाए।

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