भास्कर न्यूज| नूरपुरबेदी नूरपुरबेदी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सुबह से आसमान में घूमता एक अज्ञात ड्रोन को गांवों में उड़ता िदखा। लोगों ने मोबाइल में कैद करने की कोशिश की, लेकिन अधिक ऊंचाई और तेज गति के कारण सफल नहीं हो सके। जब ये मीडिया में पता चला तो ड्रोन की गतिविधि पर नजर रखते गांवों के लोगों से फोन से तालमेल किया। ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि को देखते पुलिस प्रशासन को भी तुरंत सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस कर्मी भी ड्रोन की तलाश में विभिन्न गांवों में इधर-उधर घूमने लगे। दो घंटे बाद क्षेत्र के गांव लसाड़ी में पुराने टौबे (तालाब) के पास एक ग्रामीण ने ड्रोन की गतिविधि देखे जाने की जानकारी मिली। तभी पुलिस प्रशासन को मौके पर भेजा।
थाना प्रभारी रोहित शर्मा के आदेश पर इंस्पेक्टर बलवीर चंद की अगुवाई में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ड्रोन उड़ाने वाले व्यक्तियों से मुलाकात कर उन्हें थाना बुलाकर गहन पूछताछ की। पूछताछ के बाद यह तथ्य सामने आया कि सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा पंजाब सरकार के जल संसाधन विभाग के अनुरोध पर सतलुज नदी के लिए बाढ़-खतरा मानचित्र तैयार करने और विकसित करने हेतु एक परियोजना चलाई जा रही है। िजसके ड्रोन कैमरे के जरिए सर्वे किया जाएगा और वे किसी भी बात से घबराएं नहीं।


