इंदौर के महादेवी वर्मा पुस्तकालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस यादगार कमेटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व पोस्ट मास्टर जनरल ए.एस.आई.एस. पॉल के कर-कमलों से हुआ, जिसके बाद छात्रों ने नेताजी को गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता मुदित भटनागर ने नेताजी के विचारों को साझा करते हुए कहा कि नेताजी ने सांप्रदायिक एकता पर विशेष बल दिया था। उन्होंने बताया कि नेताजी के अनुसार हिंदू-मुस्लिम समुदाय की समस्याएं समान हैं और इनका समाधान एकजुट होकर ही संभव है। कार्यक्रम में विशेष रूप से नेताजी के वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि नेताजी युवाओं को वैज्ञानिक सोच अपनाने की प्रेरणा देते थे। उनका मानना था कि केवल अंग्रेजों को देश से निकालना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक क्रांति भी आवश्यक है। विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में कमेटी के सदस्य अर्शी खान और प्रमोद नामदेव ने भी अपने विचार रखे। प्रियंका वर्मा और मनस्वी ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर शफी शेख, राजेश मेहरा, राम स्वरूप मंत्री, नितिन अग्रवाल, सोनू शर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


