नेपाल से चार धाम यात्रा पर निकले करीब 30 बुजुर्ग श्रद्धालुओं से भरी एक बस को बुधवार सुबह सिरोही में परिवहन विभाग ने सीज कर दिया। ऑनलाइन भुगतान नहीं होने के कारण बस को उथमण टोल प्लाजा पर रोका गया और फिर विभाग परिसर ले जाया गया, जहां श्रद्धालु लगभग 4 घंटे तक फंसे रहे। यह घटना बुधवार सुबह करीब 5 बजे उथमण टोल प्लाजा पर हुई। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने वाहन की जांच की और ऑनलाइन भुगतान जमा नहीं होने के कारण उसे मौके पर ही सीज कर दिया। बस को उथमण टोल से करीब 20 किलोमीटर दूर परिवहन विभाग के कार्यालय परिसर में ले जाकर खड़ा कर दिया गया। ऑनलाइन भुगतान नहीं होने से बढ़ी परेशानी
बस में 60 से 82 वर्ष आयु के बुजुर्ग श्रद्धालु सवार थे, जिनमें से कई डायबिटीज और अन्य बीमारियों से पीड़ित थे। यात्रियों ने बताया कि वे भुगतान करने को तैयार थे, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण ऑनलाइन भुगतान नहीं हो पा रहा था। परिवहन विभाग कार्यालय में सुविधाओं का अभाव था और यह शहर से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित है। सुबह 5 बजे बस पकड़ी, 9 बजे छोड़ी
बस स्टाफ ने अधिकारियों को सर्वर समस्या के बारे में बताया और भुगतान करने की पेशकश की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। बाद में जिला परिवहन अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद बस का चालान किया गया। ऑनलाइन भुगतान बाद में करने की शर्त पर सुबह करीब 9 बजे बस को आगे जाने दिया गया। उथमण टोल प्लाजा पर बस को पकड़ा
जानकारी के अनुसार नेपाल के झापा पूर्वी क्षेत्र के ये श्रद्धालु एक निजी ट्रेवल्स कंपनी की बस से चार धाम यात्रा पर निकले थे। गुजरात से होते हुए सिरोही में प्रवेश करते समय उन्होंने ऑनलाइन भुगतान का प्रयास किया था, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण वे सफल नहीं हो पाए थे। ‘पेपर नहीं दिखाने पर बस को सीज किया’
जिला परिवहन अधिकारी लक्षमीता ने बताया कि बुजुर्ग श्रद्धालुओं से खड़ी बस को परिवहन विभाग परिसर के अंदर खड़ा किया गया है तो गलत है, ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। परिवहन अधिकारी को सूचना मिलने पर उन्होंने संबंधित परिवहन निरीक्षक को मौके पर भेजा, उसमें चालान जमा करने का प्रयास किया गया, लेकिन सर्वर की प्रॉब्लम के चलते ऑनलाइन भुगतान नहीं किया जा सका।
जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पेपर मांगने पर भी लोग पेपर नहीं दिखा सके, इसलिए बस की सीज किया। नेपाल के झापा निवासी तुलसी प्रसाद भटराई ने बताया कि उन्हें सभी कागजात दिखाते हुए कहा था कि सभी कागजात दिखाएं, जहां-जहां सर्वर डाउन था उन्होंने वहां के वीडियो बना रखे हैं। राजस्थान में प्रवेश के लिए ₹600 का जो चालान है वह भरने को तैयार थे, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण ऑनलाइन भुगतान नहीं हो पाया। इसके बाद बस को सीज कर परिवहन विभाग कार्यालय में खड़ी कर दी।


