डालसा के निर्देश पर आयोजित इस वर्ष के दूसरे नेशनल लोक अदालत ने शुरुआती दो घंटों में ही महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। अदालत ने 109.37 करोड़ रुपए की रिकवरी के साथ 2.40 लाख से अधिक विवादों का निपटारा किया। कार्यक्रम का उद्घाटन रांची झालसा से ऑनलाइन माध्यम से न्यायमूर्ति सुजित नारायण प्रसाद ने किया। धनबाद में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा के चेयरमैन वीरेंद्र कुमार तिवारी उपस्थित रहे। तिवारी ने कहा कि नेशनल लोक अदालत संविधान की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आयोजन हर तीन माह में किया जाता है। ऑटो की टक्कर से हुई थी मौत लोक अदालत में एक उल्लेखनीय मामला सामने आया, जहां दुर्घटना में पति की मौत के बाद बेसहारा हुई ब्रिजमणी शर्मा को 99 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया। ब्रिजमणी के पति राजेंद्र प्रसाद शर्मा पी के राय मेमोरियल कॉलेज में प्रोफेसर थे। 2019 में कॉलेज जाते समय एक ऑटो की टक्कर से उनकी मृत्यु हो गई थी। अदालत ने कई अन्य लोगों की भी मदद की। शुभम सिंह को रेस्टोरेंट के लिए 50 लाख रुपए का लोन, बबीता देवी को मुर्गी पालन के लिए 20 लाख रुपए का लोन, और मां इलेक्ट्रॉनिक्स के 10 लाख रुपए के लोन विवाद का निपटारा किया गया। दो दिव्यांगों को ट्राईसाइकिल और प्रमाण पत्र दिए गए। साथ ही, अनाथ चार बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना के तहत शिक्षा के लिए प्रति माह 4,000 रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया।


