प्रतापगढ़ में नेशनल हेराल्ड प्रकरण में न्यायालय के निर्णय के बाद कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह राणावत ने किया। कांग्रेस नेताओं ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को डराने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि न्यायालय के फैसले से स्पष्ट हो गया है कि नेशनल हेराल्ड मामले में न तो मनी लॉन्ड्रिंग हुई और न ही किसी प्रकार की अवैध आय का कोई प्रमाण सामने आया। पार्टी ने इस निर्णय को लोकतंत्र और संविधान की जीत बताया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ‘तानाशाही नहीं चलेगी’, ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ और ‘राजनीतिक प्रतिशोध बंद करो’ जैसे नारे लगाए गए। धरियावद के पूर्व विधायक नगराज मीणा ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए ED जैसी एजेंसियों का उपयोग करना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यायपालिका ने निष्पक्ष निर्णय देकर यह साबित किया है कि देश में कानून सर्वोपरि है। बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता
गांधी चौराहा पर प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर केंद्र सरकार की नीतियों के प्रति आक्रोश व्यक्त किया गया। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क रहा। विरोध प्रदर्शन में जिला, ब्लॉक एवं नगर कांग्रेस सहित अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।


