नोखा के अणखीसर गांव में सुबह पांच बजे घर में सो रहे एक परिवार के लोगों को जिंदा जलाने के लिए खिड़की-दरवाजों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। बाहर से सारे दरवाजे बंद कर दिए। घरवालों की आंख खुलने पर वे पीछे के दरवाजे से बाहर निकलकर भागे और अपनी जान बचाई। अणखीसर निवासी रामनिवास जाट की ओर से नोखा थाना पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि आज सुबह पांच बजे वह अपने परिवार के साथ घर में सो रहा था। अचानक खिड़की के पास से आग की लपटें उठने लगीं। पेट्रोल की गंध आ रही थी। घरवालों ने गेट खोलने की कोशिश की, लेकिन वे बाहर से लॉक थे। परिवार के लोग भागकर पीछे वाले गेट से बाहर निकले और अपनी जान बचाई। इस दौरान दो लोगों को मौके से भागते हुए देखा। आरोप है कि बहन कौशल्या की ससुराल पांचू में है। उसके पति रामस्वरूप कस्वां आर्मी में थे जिनका पिछले दिनों देहावसान हो गया था। रामस्वरूप का बड़ा भाई श्रीराम जो स्वयं भी आर्मी में है, लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा था। उसका भाई मानाराम, ताराचंद और पिता मोटाराम ने बहन कौशल्या को आर्मी से मिलने वाले परिलाभाें के कारण पूरे परिवार को आग लगाकर जिंदा जलाने की कोशिश की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इत्तला मिलने पर नोखा एसएचओ अमित कुमार, सीओ नोखा हिमांशु शर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस को मौके से पेट्रोल से भरी बाल्टी, छह जिलेटिन की डेटोनेटर लगी छड़ें बरामद हुई। “मामले की गंभीरता को देखते हुए मौका-मुआयना किया है। आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जिलेटिन की छड़ें, पेट्रोल मौके पर कौन लाया, आग लगाने की कौशिश किसने की और वारदात में कौन लोग शामिल थे, इसका पता लगाया जा रहा है।”
– कैलाशसिंह सान्दू, एएसपी ग्रामीण


