नोट के कागज बनाने वाली एसपीएम होगी अपडेट:आधुनिक मशीन से 6000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष होगा उत्पादन, लगेगी पीएम-6 मशीन

नर्मदापुरम के प्रतिभूति कागज कारखाना (सिक्योरिटी पेपर मिल SPM) को बुधवार को एक बड़ी सौगात मिली। एसपीएम में अब 6000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष क्षमता की अत्याधुनिक सिलेंडर मोल्ड वेट-मेड वाटरमार्क बैंक नोट (CWM-BN) पेपर मैन्युफैक्चरिंग लाइन की स्थापना होगी। बुधवार को केंद्रीय मंत्री मंडल की बैठक में वित्त मंत्रालय ने इसकी स्वीकृति दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना का वित्तीय खर्च 1,788 करोड़ रुपए है, जिसके लिए करीब 1700 करोड़ रुपए की राशि मशीन स्थापना के लिए स्वीकृति दी गई है। यह परियोजना देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील बैंक नोट पेपर आवश्यकताओं को ओर अधिक मजबूत बनाएगी। इसके माध्यम से 50 वर्ष पुरानी, अप्रचलित एवं कम दक्षता वाली पेपर मशीनों का स्थान आधुनिक तकनीक से युक्त नई मशीन लेगी। जिससे उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और लागत-दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही 10 रुपए और 20 रुपए जैसे कम मूल्य वर्ग के बैंक नोटों की निरंतर आपूर्ति हो सकेगी, जो देश की आर्थिक गतिविधियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा इस परियोजना की स्वीकृति से नर्मदापुरम क्षेत्र से औद्योगिक विकास, स्थानीय रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत बनाएगा। राष्ट्रहित में यह स्वीकृति सराहनीय है। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्रिमंडल, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्र सरकार के समस्त शीर्ष नेतृत्व के प्रति सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने आभार एवं धन्यवाद व्यक्ति किया। इधर एसपीएम पीआरओ संजय भावसार ने बताया इस यूनिट की स्थापना के लिए केबिनेट से स्वीकृति मिल गई है। अभी इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि इस यूनिट की स्थापना होने से एसपीएम के साथ ही क्षेत्र और देश के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी। एसपीएम का इतिहास
1967 से एसपीएम में नोट का कागज बनना हुआ शुरू सिक्योरिटी पेपर मिल का 1962 में काम शुरू हुआ। 28 अक्टूबर 1963 में इसका एक हिस्सा बन गया था। भवन का उद्घाटन 20 मार्च 1967 को उप प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने किया था। 20 नवंबर 1967 से एसपीएम में नोट का कागज बनना शुरू हो गया। उस समय दो छोटी मशीनें लगी थीं। धीरे-धीरे 4 मशीनें की गईं। 40 साल तक यह केंद्र सरकार का उपक्रम रहा। 2006 में इसे निगम बना दिया। हालांकि अभी भी पूरे अधिकार केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय के पास ही हैं। पीएम-5 का 2015 में हुआ शुभारंभ
एसपीएम को मजबूत करने के लिए और उत्पादन बढ़ाने के लिए जर्मनी से आधुनिक मशीन लगाई थी। 17 दिसम्बर 2011 को तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी, तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवीन बैंक नोट लाइन का शिलान्यास किया था। मशीन का उद्घाटन केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 30 मार्च 2015 को किया था। इसी समय जेटली एसपीएम में दो और नई मशीनें (पीएम-6 और 7) लगाने की घोषणा की थी।

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