बालाघाट में भारी वाहनों के नो-एंट्री समय को लेकर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और यातायात विभाग के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। एसोसिएशन ने नए प्रस्तावित समय पर नाराजगी जताई है, जबकि यातायात प्रभारी का कहना है कि यह अभी केवल एक प्रस्ताव है। शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बाद नो-एंट्री का समय बदलने का प्रस्ताव आया था। यह बैठक शुक्रवार को कंट्रोल रूम में सीएसपी मयंक तिवारी और यातायात प्रभारी सुबेदा यीना राहंगडाले के साथ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच हुई। इसमें भारी वाहनों के लिए सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक नो-एंट्री लागू करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई। बैठक के बाद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। एसोसिएशन के प्रतिनिधि अविनाशसिंह ठाकुर ने बताया कि यह नया नो-एंट्री समय शहर के नागरिकों की जरूरतों के हिसाब से गलत है। उनके अनुसार, यह चौबीस घंटे की नो-एंट्री के समान है, क्योंकि रात में श्रमिक नहीं मिलेंगे, जिससे मालवाहक वाहन खाली नहीं हो पाएंगे। ठाकुर ने कहा कि इससे बालाघाट में आम लोगों की जरूरतों का सामान पहुंचना असंभव हो जाएगा और जनता को परेशानी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि हाईवे और बायपास मार्ग बनने के कारण शहर से गुजरने वाला 90 प्रतिशत भारी ट्रैफिक पहले ही कम हो चुका है। यदि शेष 10 प्रतिशत ट्रैफिक भी नियंत्रित नहीं हो पा रहा है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। पहले वाले समय पर अडे़ ट्रांसपोटर्स एसोसिएशन ने मांग की है कि पूर्ववत नो-एंट्री समय को ही रखा जाए, ताकि मालवाहक वाहन निर्धारित समय पर माल खाली कर वापस लौट सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वर्तमान प्रस्तावित सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक की नो-एंट्री लागू होती है, तो शहर का ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पूरी तरह से ठप हो जाएगा। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार, पूर्व में नो-एंट्री का समय सुबह 7 से 9 बजे, 10 से 11 बजे, दोपहर 1 से 3 बजे और शाम 4:30 बजे से 8:30 बजे तक था। नया नो-एंट्री समय अभी केवल प्रस्तावित इस मामले में यातायात प्रभारी यीना राहंगडाले ने स्पष्ट किया कि नया नो-एंट्री समय अभी केवल प्रस्तावित है और इस पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। इसके बाद अंतिम कार्रवाई होगी।


