धुर्वा निवासी सत्येंद्र कुमार दुबे ने एक महिला पर तीन लाख रुपए की ठगी का आरोप लगाया है। सत्येंद्र दूबे ने धुर्वा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर बताया कि 27 मई 2024 को दुमदुम की उषा बाखला अपने दो साथियों बुलबुल मुंडा और प्रीति सूरिन के साथ उनके घर आई थी। उसने खुद को रिम्स में शल्य चिकित्सक सहायक के पद पर अनुबंधित बताया। कहा कि वह अब नौकरी कर रही है और अपने पति के लिए गांव में दुकान खोलना चाहती है। इसके लिए तीन लाख रुपए की मदद मांगी। सत्येंद्र ने बताया कि उषा ने पहले भी 27 मार्च 2023 को अपनी कथित बहन और बहनोई के सामने 50 हजार रुपए लिए थे, जिसे 27 मार्च 2024 को लौटा दिया था। इसी भरोसे पर उन्होंने 27 मई 2024 को तीन लाख रुपए उषा को उसके साथियों के सामने दे दिए। इसके बाद उषा ने फोन उठाना और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया। सत्येंद्र जब रिम्स पहुंचे, तो पता चला कि उषा बाखला नाम की कोई महिला वहां न तो स्थायी कर्मचारी है, न ही अनुबंध पर कार्यरत है। फिर वह दुमदुम गांव गए, जहां उषा नहीं मिली। उसके पति इलियास बाखला ने बताया कि उषा दो साल से मायके में रह रही है। इसके बाद सत्येंद्र खूंटी जिले के पोरहोटोली गांव स्थित उषा के मायके पहुंचे। वहां उसके माता-पिता ने कहा कि जो करना है कर लो, पैसा नहीं मिलेगा। ज्यादा बोलोगे तो ग्रामीणों को बुलाकर सेंदरा करवा देंगे। सत्येंद्र का आरोप है कि उषा बाखला, उसके माता-पिता और साथियों ने मिलकर धोखाधड़ी की। उषा के पिता ने जान से मरवा देने की धमकी भी दी।


