धौलपुर में नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। लगभग 100 बेरोजगार युवाओं से 5 से 6 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई। पीड़ितों ने मंगलवार को धौलपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मुख्य आरोपी प्रमोद शर्मा और उसके साथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा पैसे वापसी की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि प्रमोद शर्मा पुत्र हरिओम शर्मा, उसका भाई मनोज शर्मा, पिता हरिओम शर्मा और साला संदीप शर्मा ने मिलकर यह ठगी की। इन लोगों ने प्राइवेट कंपनियों, सरकारी निकायों, फर्मों और एनजीओ में नौकरी दिलाने का झूठा झांसा दिया था। आरोपी प्रमोद शर्मा पिछले तीन साल से फरार चल रहा था। पीड़ितों के अनुसार आरोपी ने किसी को नौकरी नहीं दी और जब पैसे वापस मांगे गए तो उसने मना कर दिया। वह मनिया स्थित अपना मकान खाली कर जयपुर भाग गया था। आरोपी के खिलाफ कई थानों में एफआईआर दर्ज हैं। थाना निहालगंज ने प्रमोद शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इससे पहले थाना दिहोली से उसके पिता हरिओम शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया था, तब उसने जयपुर और मनिया के मकान बेचकर पैसे लौटाने का वादा किया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह मुकर गया। वर्तमान में प्रमोद शर्मा धौलपुर जेल में बंद है। पीड़ित बेरोजगारों ने मांग की है कि आरोपी अपनी जमीन बेचकर उनके ठगे गए पैसे वापस करे। ज्ञापन देने वालों में मुकेश, लज्जाराम, हल्के, गिर्राज, रामलखन, पुष्पेंद्र, सुशील, हरीराम, सुमित, गंगाराम, कृष्ण, अरविंद, हरविंदर, चंद्रभान, धर्मेंद्र, मनोज, हरीराम, जनवेद, वीरेंद्र, सतवीर, राजबहादुर, धर्मेंद्र, देवेंद्र, सुमेर, राजेंद्र, हंसराम, कुलदीप, रामसहाय, राजकुमार, शैलेन्द्र, अभिषेक, रामकेश, रामब्रज, समुद्र, प्रताप, गब्बर, राजवीर, अजीत, पुष्पेंद्र, सतवीर और रामफूल सहित कई अन्य पीड़ित बेरोजगार उपस्थित थे।


