सिंगरौली के नौगढ़ में एक मंदिर की दान पेटी से पैसे निकालने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित महिलाओं ने पुलिस पर रिश्वत लेकर कार्रवाई नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह घटना 14 सितंबर की सुबह 8 बजे की है। शिकायतकर्ता अनीता पांडेय ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि लालबाबू ने रंजन पांडेय और एक अन्य महिला को धक्का दिया। जब अनीता पांडेय अपनी बेटी को बचाने गईं तो शंतराम कुशवाहा, लालबहादुर कुशवाहा, राकेश कुशवाहा, रामगोपाल कहार और मंदिर के पुजारी ने मिलकर उन पर और उनके परिवार पर हमला कर दिया। इस हमले में श्यामकली पांडेय, शीला पांडेय और रंजन की दादी भी घायल हो गईं। पीड़ितों का आरोप है कि मारपीट के दौरान हमलावरों ने मंगलसूत्र, झुमके और मोबाइल फोन भी लूट लिए। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी दबंग हैं और उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस पर लगे गंभीर आरोप पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने सिर्फ ऑनलाइन शिकायत दर्ज की और कोई मामला दर्ज नहीं किया। महिलाओं ने एक अधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि थाने में एक मूंछों वाले अधिकारी को पैसे दिए गए, जिसके बाद से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जब महिलाएं एसपी से मिलने जा रही थीं तो कोतवाली के टीआई ने उन्हें यह कहकर रोका कि पुलिस जांच के लिए भेज दी गई है। हालांकि, पीड़ितों का कहना है कि घटनास्थल पर कोई पुलिस नहीं पहुंची थी। वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी अशोक सिंह परिहार ने इसे बच्चों का आपसी झगड़ा बताया है। उनका कहना है कि बच्चों ने मंदिर की दान पेटी से शरारत में कुछ पैसे निकाल लिए थे, जिसके बाद विवाद हुआ। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी।


