न्यायालय ने हत्या का मामला दर्ज करने दिए आदेश:जज ने 8 साल पुराने मामले को लेकर जांच के लिए कहा, प्रत्यक्षदर्शी के बयान को आधार माना

दतिया न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने खारिज हुए मर्ग मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज कराया है। आठ साल पुराने मर्ग के मामले में परिवाद पत्र न्यायालय में संबंधित पक्ष की ओर से दिया गया था। प्रत्यक्षदर्शी के बयान के आधार पर हत्या का मामला दर्ज करने का आदेश जारी किया। जानकारी के मुताबिक, परिवादी कौशल केवट निवासी आनंदपुर अगोरा ने गांव के ही आरोपी राहुल पिता महेश व राजेश पिता नत्थू का जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। उक्त लोगों ने फरियादी की भतीजी नेहा के साथ गलत हरकत करने का प्रयास भी किया था। जिसकी सूचना थाना सिविल लाईन को दी गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। 30 सितंबर 2016 की दोपहर जब परिवादी की पुत्री शिवानी कुएं पर कछवारा लगाने गई, तभी आरोपियों ने शिवानी के साथ अश्लील हरकत करने का प्रयास किया था। शिवानी द्वारा विरोध किया गया तो आरोपियों ने उसे कुएं पर ले जाकर हत्या करने के उद्देश्य से उसे कुएं में धकेल दिया और मौके से भाग गए। घटना के समय परिवादी कौशल की भतीजी नेहा भी मौजूद थी। वह उस समय शिवानी के साथ थी। नेहा द्वारा घटना की सूचना राजेश एवं वीरन को दी गई। मौके पर राजेश, वीरन और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक शिवानी की कुएं में डूबने से मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। ग्रामीणों के द्वारा शव को कुएं से बाहर निकाला गया। पुलिस ने उसे पीएम के लिए अस्पताल भेजा। घटना के संबंध में परिवादी कौशल, नेहा व अन्य लोगों के कथन लेखबद्ध किए गए थे। लेकिन पुलिस ने मर्ग कायम किया था। पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपी राजेश व राहुल के विरुद्ध हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किया गया तो न्यायालय में परिवाद पत्र दिया। आरोपियों के विरुद्ध हत्या का अपराध पंजीबद्ध किए जाने के लिए पुलिस को आदेशित किया गया है। स्वाति शर्मा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दतिया के आदेश पर से पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर फिर से विवेचना में लिया है।

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