न्यूजीलैंड में नगर कीर्तन का फिर विरोध:अमृतसर में SGPC प्रधान ने दूसरी बार हुई घटना की निंदा की, कार्रवाई की मांग

अमृतसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने न्यूजीलैंड में सिखों के धार्मिक जुलूस ‘नगर कीर्तन’ के बार-बार हो रहे विरोध की कड़े शब्दों में निंदा की है। धामी ने इसे वैश्विक स्तर पर सिख समुदाय के लिए अत्यंत निराशाजनक और चिंताजनक स्थिति बताया है। एडवोकेट धामी ने कहा कि नगर कीर्तन सिख धर्म की एक पवित्र और ऐतिहासिक परंपरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिख समुदाय पूरी दुनिया में आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के लिए जाना जाता है। धामी ने कहा, “सिखों की धार्मिक परंपराओं को नफरत की दृष्टि से देखना और उन्हें अपने धर्म का पालन करने से रोकना न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए भी गंभीर चुनौती है।” क्या है पूरा मामला दिसंबर 2025 में ऑकलैंड के मैन्यूरेवा इलाके में ‘नानकसर गुरुद्वारा साहिब’ द्वारा आयोजित नगर कीर्तन का अति-दक्षिणपंथी समूह ‘ट्रू पैट्रियट्स ऑफ न्यूजीलैंड’ द्वारा हिंसक विरोध किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने “यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं” जैसे नस्लभेदी नारे लगाए और ‘हका’ (पारंपरिक नृत्य) के जरिए जुलूस का रास्ता रोका। यह समूह आप्रवासन और विदेशी संस्कृतियों के प्रभाव को “विदेशी धर्मों का आक्रमण” मानकर विरोध कर रहा है। सरकारों से सख्त कार्रवाई की अपील एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि सिख हर देश के कानून और संस्कृति का सम्मान करते हैं, इसके बावजूद उन्हें निशाना बनाया जाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने न्यूजीलैंड और भारत सरकार से इस मामले को उच्च स्तर पर उठाने और धार्मिक स्वतंत्रता में बाधा डालने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की जोरदार अपील की है।

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