अमृतसर | न्यूरोसर्जन डॉ. शिखिल उप्पल ने हाल ही में कोलकाता में हुई न्यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया की 72वीं कॉन्फ्रेंस के सेशन में युवा न्यूरोसर्जन के रूप में “न्यूरोसर्जिकल रोगों में न्यूरोइंटरवेंशन की भूमिका पर शोध पत्र पड़ने के लिए आमंत्रित किया गया। जिसमें उन्होंने बताया कि न्यूरोइंटरवेंशन द्वारा इलाज समय की मांग है। उन्होंने बताया कि कुछ बीमारियां जैसे ब्रेन एन्यूरिज्म के इलाज में ओपन सर्जरी ही एकमात्र तरीका होता था, जिसे फटी हुई नाड़ी को क्लिपिंग द्वारा सही किया जाता था। उन्होंने कहा कि न्यूरोइंटरवेन्शन तकनीक द्वारा बिना किसी चीर फाड़ के सर्जन एक छोटी ट्यूब (कैथेटर) को रक्त वाहिका में डालकर एन्यूरिज्म की कोइलिंग कर दी जाती है। कॉन्फ्रेंस में उपस्थित न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्य्क्ष डॉ. मानस, जीबी पंत अस्पताल दिल्ली से डॉ. दलजीत सिंह ,डॉ गंभीर सिंह, मुंबई से डॉ अतुल गोयल, पी जी आई चंडीगढ़ से मंजुल त्रिपाठी ने डॉ शिखिल उप्पल का प्रोत्साहन किया।


