न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान शहर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जयपुर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों, विशेषकर शराब पीकर वाहन चलाने (ड्रंक ड्राइविंग), बिना हेलमेट और ओवर स्पीडिंग करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। इस दौरान कई वाहनों को जब्त किया गया और लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी भी दी गई। न्यू ईयर सेलिब्रेशन को लेकर बुधवार शाम से ही शहर की चारों दिशाओं में अलग-अलग पॉइंट्स पर नाकेबंदी कर पुलिस जवानों को तैनात किया गया। शहरभर में 45 से अधिक अतिरिक्त नाके लगाए गए और 3 लेयर सिक्योरिटी प्लान के तहत विशेष निगरानी रखी गई, ताकि जश्न के दौरान किसी तरह की अनहोनी न हो। जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने 31 दिसंबर की रात से 1 जनवरी की सुबह तक व्यापक स्तर पर कार्रवाई की। इस दौरान मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वाले 445 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। वहीं, एमवी एक्ट के अंतर्गत 1293 वाहन चालकों के चालान काटे गए। इसके अलावा BNSS की धारा 170 के तहत 49 वाहन चालकों को हिरासत में लिया गया। कार्रवाई के दौरान कुछ ऐसे दृश्य भी सामने आए, जब शराब के नशे में धुत वाहन चालकों ने खुद को बचाने के लिए एसपी से लेकर जनप्रतिनिधियों से पहचान होने की धौंस देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी दबाव के विधिक कार्रवाई की। पुलिस ने पहले ही शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लाइसेंस रद्द करने और वाहन जब्त करने की चेतावनी जारी की थी। इसके बावजूद अत्यधिक नशे में पाए गए कुछ लोगों को पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सुरक्षित रूप से उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था भी की। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान शहर में 50 से अधिक स्पेशल ट्रैफिक टीमें तैनात रहीं, जो प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए थीं। जवाहर सर्किल सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया और क्लबों व पार्टी स्थलों के बाहर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। जयपुर पुलिस की इस सख्ती का उद्देश्य नए साल के जश्न को सुरक्षित बनाना और सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाना रहा।


