न्यू स्वागत विहार प्रदेश का पहला ऐसा मामला बन गया है, जिसमें जमीन की रजिस्ट्री शून्य की जाएगी। लेकिन इस प्रक्रिया में नया पेंच फंस गया है। अब न्यू स्वागत विहार के प्लॉट नगर निगम और अनुभागीय अधिकारी (एसडीएम) के नाम पर ट्रांसफर होंगे, जबकि भुइयां सॉफ्टवेयर में इन संस्थाओं के नाम पर विक्रय का विकल्प मौजूद नहीं है। इसी वजह से जमीन का नामांतरण नहीं हो पा रहा है। नगर निगम ने फरवरी माह में ही फाइल तहसील कार्यालय भेज दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है। डायवर्सन के बाद जमीन पहले नगर निगम और एसडीएम के नाम ट्रांसफर होगी, इसके बाद हितग्राहियों को दोबारा रजिस्ट्री करानी पड़ेगी। इस बीच, नई गाइडलाइन दर बढ़ने से रजिस्ट्री शुल्क भी बढ़ गया है। हितग्राहियों को प्लॉट की कीमत के बराबर स्टाम्प ड्यूटी चुकानी पड़ेगी। आंकड़ों में प्रोजेक्ट बिल्डर ने सरकारी जमीन ही बेच दी थी
प्रोजेक्ट वर्ष 2009-10 में लाई गई थी। 225 एकड़ में विकसित इस टाउनशिप में 2910 लोगों ने प्लॉट खरीदे और रजिस्ट्री करवाई थी। इसमें 4 गार्डन, सामुदायिक भवन और 15% ईडब्ल्यूएस भूमि छोड़ी गई थी। पिछली सरकार की जांच में खुलासा हुआ कि बिल्डर ने सरकारी जमीन का भी ले-आउट पास कराकर लोगों को बेच दिया। इस पर आरडीए ने 26 एकड़ जमीन वापस ले ली। दो माह पहले हो चुकी है बैठक
मामले को लेकर हितग्राहियों ने रायपुर संभाग आयुक्त से शिकायत की थी। दो माह पहले आयुक्त ने निगम, एसडीएम, टीएनसी और आरडीए अधिकारियों की बैठक ली थी और एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। अफसरों ने अफसरों से सुझाव मांगा है कि निगम के नाम जमीन ट्रांसफर कैसे होगी। इन गांवों को काटकर बनाया टाउनशिप : न्यू स्वागत विहार का क्षेत्र तीन गांवों में बंटा हुआ है। बोरियाकला और सेजबहार ग्रामीण क्षेत्र हैं, जहां के प्लॉट एसडीएम के नाम पर होंगे, जबकि डूंडा क्षेत्र के प्लॉट नगर निगम के नाम पर जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं जिला प्रशासन और शहरी क्षेत्र में निगम उपलब्ध कराएगा। इसके लिए हितग्राहियों से विकास शुल्क भी लिया जाएगा, जबकि यह राशि पहले ही बिल्डर को दी जा चुकी है। जानिए जिम्मेदारों के जवाब… अभी तक रिपोर्ट नहीं आई
न्यू स्वागत विहार मामले में अफसरों की बैठक लेकर एक हफ्ते में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था। लेकिन रिपोर्ट नहीं आई है। जल्द ही दोबारा समीक्षा करूंगा।
-महादेव कावरे, संभाग आयुक्त नियमानुसार ही कार्रवाई
न्यू स्वागत विहार की जमीन के नामांतरण के लिए संबंधित तहसीलदार के पास भेज दिया गया है। विभाग जल्द ही नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
-नंद कुमार चौबे, एसडीएम एसडीएम कार्यालय में केस
निगम ने फरवरी माह में एसडीएम कार्यालय मामले को भेज दिया गया है। इसमें जमीन की रजिस्ट्री शून्य होगी। इस कारण थोड़ा विलंब हो रहा है।
-आभास मिश्रा, नगर निवेश चक्कर काट रहे लोग
अपनी ही जमीन के लिए पिछले 16 सालों से भटक रहे हैं। रोज दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। पर नामांतरण ही नहीं हो पा रहा है।
-वेद पूरी गोस्वामी, सचिव, न्यू स्वागत विहार


