जनवरी 2020 में तीन चरणों में 344 ग्राम पंचायतों में चुनाव हुए। इनमें 17 जनवरी 2020 को बालोतरा की 38, गिड़ा की 36, गुड़ामालानी की 31, कल्याणपुर की 29, समदड़ी की 26, फागलिया की 4 और पायला कला की 3 पंचायतों में चुनाव हुए थे। दूसरा चरण 23 जनवरी 2020 को हुआ था। इसमें सिणधरी की 30, पायला कला की 17, गडरारोड की 37, बाड़मेर ग्रामीण की 37 समेत कुल 121 पंचायतों में चुनाव हुए थे। तीसरे चरण में 29 जनवरी 2020 को बायतु की 38, फागलिया की 18 पंचायतों समेत कुल 56 में चुनाव हुए थे। इन 344 पंचायतों का कार्यकाल जनवरी 2025 में ही पूरा हो गया था। नगर परिषद बाड़मेर का कार्यकाल 27 नवंबर 2024 को पूरा हो गया है। इसके बाद पिछले 10 माह से नगर परिषद प्रशासक के भरोसे है। यहां कोई सभापति नहीं है। नगर परिषद के वार्डों का पुनर्गठन किया गया, लेकिन इन 55 वार्डों का गजट नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं हुआ है, इसी वजह से वार्डों की सीमाओं का भी निर्धारण सरकार स्तर पर पेंडिंग है। चौहटन, धोरीमन्ना, गुड़ामालानी, सिणधरी नई नगर पालिकाओं में भी चुनाव का इंतजार है। पंचायत समितियों और जिला परिषद के वार्डों के पुनर्गठन में भी देरी हो रही है। इसी वजह से दिसंबर तक तो पंचायतीराज चुनाव संभव नहीं है। बाड़मेर से बालोतरा नया जिला बना है, ऐसे में वहां नई जिला परिषद बनेगी। जिलों की सीमा के आधार पर जिला परिषद के वार्डों का गठन भी होना है। वहीं पंचायत समितियों के भी कई वार्ड बाड़मेर में है तो कई बालोतरा में है। ऐसे में उन वार्डों को भी जिलों के आधार पर पंचायत समितियों में शामिल करना है। सितंबर-अक्टूबर 2020 में भी 4 चरणों में बाड़मेर जिले की 233 पंचायतों में चुनाव हुए थे। इनमें प्रथम चरण में 28 सितंबर 2020 को आडेल-2, धोरीमन्ना-2, पाटौदी-2, सेड़वा-18 समेत कुल 24 पंचायतों में चुनाव हुए। द्वितीय चरण में 3 अक्टूबर 2020 को चौहटन-50, रामसर-31 समेत कुल 81 पंचायतों में चुनाव हुए। तृतीय चरण में 6 अक्टूबर 2020 को शिव-38 और धनाऊ की 30 समेत 68 पंचायतों में चुनाव हुए। चतुर्थ चरण में 10 अक्टूबर 2020 को बाड़मेर-38 और सिवाना की 22 समेत कुल 60 पंचायतों में चुनाव हुए। इन 233 पंचायतों को 28 सितंबर से 10 अक्टूबर तक कार्यकाल सप्ताह हो रहा है। प्रशासक लगेंगे। पंचायतीराज चुनाव 2020 में ऐसे मामले भी आए, जहां शुरूआती चरणों में तय कार्यक्रम के अनुसार कई पंचायतों में नामांकन करवा दिए थे, लेकिन मतदान से ठीक पहले कोर्ट का स्टे आ गया ।112 पंचायतों में सरपंच पद के लिए नामांकन भरने के करीब 3 महीने बाद उन्हें सरपंचाई नसीब हुई थी। 15 मार्च 2020 को चौथे चरण के चुनाव हुए। इनमें पाटोदी की 29, आडेल की 18, सिवाना की 13, सेड़वा की 10 और धोरीमन्ना की 42 पंचायतों में चुनाव हुए। ऐसे में 15 मार्च 2025 को इन 112 पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। भास्कर न्यूज | बाड़मेर करीब 9 माह से पंचायतीराज व नगरीय निकाय के चुनाव नहीं हो पाए है। पंचायतों और नगरीय निकायों के पुनर्गठन को लेकर शुरू हुई प्रक्रिया के एक साल बाद भी ये तय नहीं है कि कहां कितनी पंचायतें बनेगी? बाड़मेर से बालोतरा नया जिला बना है। जिले वार पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषद वार्डों का पुनर्गठन भी किया जाना है, लेकिन एक साल से पुनर्गठन भी सरकार स्तर पर पेंडिंग है। न पुनर्गठन हुआ और न ही परिसीमन और चुनाव करवा पाई है। ऐसे में गांवों की बागडोर सरपंचों के पास होनी चाहिए थी, वहां प्रशासक लगे है। चुनाव नहीं होने से गांवों में विकास के काम पूरी तरह से ठप पड़े है। यहां तक की पिछले एक साल से नरेगा का काम भी बंद है। पंचायतों के करोड़ों रुपए सरकार के पास अटके हुए है, जो रिलीज नहीं किया है। नगरीय निकायों में भी वार्डों का पुनर्गठन अब तक अधरझूल में ही है। हालांकि नगर निकाय और पंचायतीराज चुनाव को एक साथ करवाने की बात कह रही है, लेकिन नवंबर-दिसंबर तक चुनाव करवाना मुश्किल है।


