ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग की रिपोर्ट 12 से 15 दिन में तैयार हो जाएगी। इसे सरकार को सौंपा जाएगा। इसके बाद पंचायत चुनाव की लॉटरी संभव है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में सरपंचों के लिए करीब 2900 सीटें ओबीसी के लिए रिजर्व होंगी। वहीं, करीब 24 हजार सीटें पंच पदों के लिए ओबीसी के लिए रिजर्व होंगी। ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग 14403 ग्राम पंचायतों के आधार पर इस गणना में जुटा है। बता दें कि पिछली बार 1.9 लाख वार्ड थे जो अब करीब 30% बढ़ गए हैं। बता दें कि ओबीसी आरक्षण निर्धारण के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग के गठन के बाद दो बार कार्यकाल बढ़ाया जा चुका है। फरवरी के तीसरे सप्ताह या अंत तक लॉटरी : राज्य निर्वाचन आयोग को कोर्ट के दिशा-निर्देशों के मुताबिक अप्रैल तक चुनाव कराने हैं। ऐसे में तय है कि फरवरी के तीसरे सप्ताह या अंत तक लॉटरी प्रोसेस पूरा कराया जाएगा। उधर, 25 फरवरी तक मतदाता सूचियों का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद पंचायत चुनाव से शुरुआत होगी और ग्राम पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने का शेड्यूल जारी हो सकता है। एमओयू: मप्र से 30 हजार ईवीएम लेगा राजस्थान मंगलवार को राजस्थान और मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के बीच एमओयू हुआ। समझौते के तहत एमपी से 30,000 कंट्रोल यूनिट्स और 60,000 बैलेट यूनिट्स मिलेंगे। बता दें कि प्रदेश में 10 हजार ईवीएम का स्टॉक है। “प्रतिनिधित्व आयोग का काम जारी है। थोड़ा काम बचा है, लेकिन वो कब तक पूरा होगा, उसका खुलासा अभी नहीं कर सकता हूं। हालांकि उम्मीद है कि ये जल्द हो जाएगा।” -मदनलाल भाटी, अध्यक्ष, राज्य ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग


