भोपाल के टी टी नगर स्थित स्मार्ट सिटी जिनालय में मुनि प्रमाण सागर महाराज की उपस्थिति में आयोजित पंच कल्याणक महोत्सव के पांचवे दिन 19 फरवरी (बुधवार) को श्रद्धालुओं ने विशेष धार्मिक क्रियाओं का लाभ लिया। इस दिन का मुख्य आकर्षण था ज्ञान कल्याणक (सत्य तथ्योपलब्धि), जिसमें आचार्य प्रमाण सागर महाराज के सानिध्य में मंत्र आराधना, तिलकदान, मुखोद्घाटन, प्राण प्रतिष्ठा, और समवशरण की रचना जैसी महत्वपूर्ण क्रियाओं का आयोजन किया गया। सुबह 6 बजे से श्रद्धालुओं ने मंगलाष्टक, अभिषेक, शांतिधारा और नित्य नियम पूजन के साथ इस पवित्र दिन की शुरुआत की। इसके बाद 9 बजे मुनिश्री की आहारचर्या संपन्न हुई। दोपहर 12 बजे से विशेष क्रियाओं की शुरुआत हुई जिसमें केवलज्ञान की विशेष पूजा की गई। आचार्य श्री ने श्रद्धालुओं को ज्ञान कल्याण की महत्ता समझाते हुए कहा, “ज्ञान की प्राप्ति केवल इस जीव में होती है, और जब समवशरण में ज्ञान संस्कारित होता है तो वह पाप भी पुण्य में बदल देता है। ज्ञान विवेक और बुद्धि का मार्गदर्शन करता है, जो अच्छे-बुरे की पहचान कराता है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस दिन सभी को संकल्प करना चाहिए कि वे ज्ञानियों की निंदा नहीं करेंगे और स्वाध्याय को परम तप मानेंगे, तभी हमारे और इस संसार के सभी जीवों का कल्याण संभव है। मीडिया प्रभारी सुनील जैनाविन ने बताया कि आचार्य प्रमाण सागर के मार्गदर्शन में “पत्थर से भगवान बनने” की प्रक्रिया जारी है। पंच कल्याणक के दौरान गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान और मोक्ष कल्याणक की आराधना की जा रही है। इस आयोजन के तहत 86 मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है, जिनमें से 28 मूर्तियां अभिरुचि परिसर, 6 कस्तूरबा नगर, 14 कोलार रोड, और 36 टीटी नगर मंदिर से प्रतिष्ठित होंगी। 20फरवरी को मोक्ष कल्याणक के साथ महोत्सव का समापन होगा। इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्य अमर जैन, सनत जैन, ई.एम.एस. महेश बारी, राकेश अनुपम, दिनेश गोयल, इंजीनियर दय दिनकर, पवन संजय प्रसाद जैन समेत कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे।


