अर्द्ध कुंभ सुंईया मेले में पवित्र झरनों के पानी से स्नान पौष मास, अमावस्या, सोमवार, व्यातिपात योग और मूल नक्षत्र में सुबह 6 बजे शुरू हो गया। पंच योग शाम 5 बजे तक चलेगा। इस दौरान लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान करेंगे। 7 साल के लंबे इंतजार के बाद इस संयोग में 12 घंटे तक स्नान का योग बना है। इससे पहले रविवार को ही लाखों की संख्या में श्रद्धालु चौहटन पहुंचे। इसी के साथ ही मेले का आगाज हो गया। रविवार रात में भजन संध्या का आयोजन हुआ। झुमते-थिरकते हुए श्रद्धालु सुंईया धाम मेले में पहुंचे और पहाड़ी पर स्थित सुंईया, कपालेश्वर व विष्णु पगलिया मंदिर का दर्शन किया। सुंईया मेले को लेकर इस बार भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। चौहटन में पहुंचने वाले सभी रास्ते रविवार शाम से ही जाम रहे। भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ करीब 5-5 किमी. पैदल चलकर मेले में पहुंच रही है। डूंगरपुरी मठ और जिला प्रशासन की ओर से इस बार सुंईया मेले में विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए पूरे इलाके को रोशनी से सजाया गया है। श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए श्रद्धालुओं को मंदिर दर्शन करने और वापिस उतरने के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई हैं। ताकि भीड़ आमने-सामने क्रॉस नहीं हो और अव्यवस्था नहीं हो। इसके अलावा 3 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। करीब 1500 पुलिसकर्मी तैनात किए हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। ड्रोन से नजर, 1500 का जाब्ता तैनात मेले में किसी तरह की अव्यवस्था नहीं हो और कानून व्यवस्था की पालना के लिए बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी, एसपी नरेंद्रसिंह मीना स्वयं कैंप लगाकर चौहटन में हैं। इसके अलावा एएसपी, एडीएम, 5 एसडीएम, 8 डीएसपी समेत 100 सीआई, एसआई और एएसआई की ड्यूटी मॉनिटरिंग के लिए लगाई है। 500 से ज्यादा प्रशासनिक और 1500 पुलिसकर्मियों की मेले में ड्यूटी लगाई गई हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए चौहटन और आसपास की सभी धर्मशालाएं, छात्रावास, सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों को बुक किया गया हैं। बाड़मेर से हर 10 मिनट में रोडवेज बस जिला मुख्यालय से रोडवेज की हर 10 मिनट में बस है। श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं हो, इसके लिए रोडवेज और अन्य प्राइवेट बसों की व्यवस्था की गई हैं। चौहटन में पहुंचने वाले सभी रास्तों को पुलिस ने रविवार से ही बैरिकेड लगाकर सीज कर दिया है। बाड़मेर की तरफ का रास्ता चीपल नाडी के पास से बंद है। वहीं सेड़वा-बाखासर, केलनोर, रामसर, लीलसर-इसरोल की तरफ से आने वाले रास्तों पर भी बैरिकेडिंग की गई है। वाहनों को पार्क करने के लिए अलग-अलग 200 बीघा से ज्यादा में पार्किंग की व्यवस्था है।


