पंजाबी कॉमेडी किंग भल्ला की मौत से PAU में शोक:स्टूडेंट बोले-वह समय के पाबंद रहे, VC ने कहा-बच्चे उनकी क्लास कभी मिस नहीं करते थे

पंजाब के कॉमेडी किंग डॉ. जसविंदर भल्ला (65) का शुक्रवार को देहांत हो गया। उनके देहांत से देश विदेश में बसे पंजाबी दुखी हैं। जसविंदर सिंह भल्ला का लुधियाना के साथ बहुत ही खास रिश्ता रहा। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) से वह पढ़े भी और यहां पढ़ाया भी। लुधियाना के पीएयू में जब दैनिक भास्कर एप की टीम पहुंची तो वहां पर हमें उनसे पढ़े स्टूडेंट और अन्य लोग मिले, जोकि उनके साथ कैंटीन में खाना खाते और उन्हें खाना खिलाते थे। स्टूडेंट बोले- भल्ला सर समय को लेकर हमेशा पाबंद रहे
डॉ. भल्ला के स्टूडेंट रहे और एडिशनल डॉयरेक्टर पीएयू डॉ. टीएस रियाड़ ने कहा कि मुझे बहुत अफसोस है कि आज हमारे टीचर हमारे साथ नहीं हैं। आज से 35 साल पहले उनसे हम एमएससी की पढ़ाई कर रहे थे। उनका पढ़ाने का अंदाज सभी टीचर से अलग था। उनसे हमने पढ़ाई भी की और उनके साथ नौकरी भी की। उनके साथ हम अक्सर पीएयू की कैंटीन में खाना खाने जाया करते थे। डॉ. टीएस रियाड़ ने कहा- पिछले एक साल से वह काफी बीमार चल रहे थे। आज सुबह हमें पता चला कि डॉक्टर भल्ला हमें छोड़ गए हैं। उनके देहांत के बाद आज हमारी यूनिवर्सिटी में सभी प्रोग्राम स्थगित कर दिए गए हैं। भल्ला हमारे फनकार थे और हमारे के लिए एक प्रेरणा भी। भल्ला जैसा गुरु मिलना बहुत सौभाग्य है। डॉ. टीएस रियाड़ ने आगे कहा- डॉक्टर भल्ला समय को लेकर हमेशा पाबंद रहे। खाने में भी भल्ला साहिब बहुत शौकीन थे। साल 2006 से लेकर साल 2020 तब हम उन्हीं के साथ पीएयू में खाना खाते थे। हर वक्त वह हंसते ही रहते और हंसाते रहते। मेरी दो माह पहले ही उनके बात हुई थी। वाइस चांसलर बोले- भल्ला दुनिया में नहीं, यकीन नहीं हो रहा
पीएयू के वाइस चांसलर डॉक्टर सुखबीर सिंह ने कहा- आज सुबह जब हमें इस खबर मिली तो हमें अभी तक यकीन नहीं हो रहा कि सच में ऐसा हुआ है। हमारे पीएयू को ये बहुत बड़ा घाटा हुआ है। भल्ला ने 60 साल की उम्र में यहां से रिटायरमेंट ली। यहीं से उन्होंने बीएससी, एमएससी की और फिर वह यहां पर प्रोफेसर के तौर पर काम करने लगे। पीएयू में वह हैड ऑफ डिपार्टमेंट भी रहे हैं। वाइस चांसलर डॉक्टर सुखबीर सिंह ने कहा- भल्ला के पढ़ाए बच्चे, आज देश विदेश में बड़े बड़े स्थानों के साथ जुड़े हुए हैं। 1988 में भल्ला ने छणकाटा नाम से प्रोग्राम शुरू किया था। लगातार नए नए सीजन छणकाटा के निकाले गए। जिससे भल्ला को काफी पहचान मिली। भल्ला बाद में फिल्मों में आए, क्योंकि छणकाटा में उनके रोल को देखते हुए उन्हें ऐसे मौके मिले। वाइस चांसलर डॉक्टर सुखबीर सिंह ने आगे कहा- बच्चे भल्ला की क्लास कभी मिस नहीं करते थे, क्योंकि वह पढ़ाते-पढ़ाते बच्चों को हंसाने लग जाते थे। अब तक भी वह पीएयू आते -जाते रहते थे, क्योंकि वह पीएयू से भी इलाज के संबंध में जानकारी लेते रहते थे।

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