पंजाब अपडेट्स:पूर्व IG से साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों की पहचान, फ्रॉड के बाद खुद को मारी थी गोली

पंजाब के पूर्व IG अमर सिंह चहल से आठ करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों की पहचान की है। एक आरोपी पटियाला और दूसरा मुंबई का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने चहल के मोबाइल से मिले साक्ष्यों के आधार पर वाट्सएप ग्रुप से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की है, जिसमें कई आईपीएस और वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी शामिल हैं। साइबर क्राइम टीम डीबीएस ग्रुप के सीईओ रजत वर्मा की तलाश में जुटी है। इस मामले में चहल की पत्नी जसविंदर कौर के बयान पर एफआईआर दर्ज की गई है। ठगी से परेशान होकर सोमवार को खुद को गोली मारने वाले अमर सिंह चहल की हालत अब स्थिर है।डॉक्टरों के अनुसार गंभीर चोट के बावजूद लंबी सर्जरी के बाद उनकी जान बचाई जा सकी। फिलहाल वे बयान देने की स्थिति में नहीं हैं और पुलिस उनके पूरी तरह स्वस्थ होने का इंतजार कर रही है। पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग रूल्स 2025 के विवादित प्रावधानों पर रोक पंजाब सरकार द्वारा 15 दिसंबर 2025 को अधिसूचित पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग रूल्स-2025 को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति गुरविंदर सिंह गिल और प्रमोद गोयल की खंडपीठ ने विवादित प्रावधानों के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी है। 93 वर्षीय हरविंदर सेखों और 61 वर्षीय जसविंदर कौर की याचिका पर कोर्ट ने 13 मार्च 2026 के लिए नोटिस ऑफ मोशन जारी किया और स्पष्ट किया कि पुराने नियमों के तहत अवैध माने जाने वाले निर्माणों को रेगुलराइज नहीं किया जाएगा। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि नए नियम मौजूदा कानूनों, पंजाब फायर प्रिवेंशन एंड फायर सेफ्टी एक्ट-2004 और नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि 40 फीट सड़कों पर चार मंजिला इमारतों और कोर एरिया में 100 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज की अनुमति से शहरों में भीड़भाड़ और अव्यवस्था बढ़ेगी। आरोप है कि ये नियम निजी बिल्डरों और प्रमोटरों के हित में बनाए गए हैं, जबकि आम जनता की सुरक्षा और सुविधा की अनदेखी की गई है।

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