पंजाब के वित्तमंत्री की प्रेसवार्ता पर भाजपा ने उठाए सवाल:मनरेगा पर झूठ बोलने के आरोप, कहा- गलत जानकारियां दी जा रहीं हैं

केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने के साथ-साथ इसमें बदलाव करने पर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में टकराव लगातार बढ़ रहा है। पहले स्पेशल सेशन और बाद में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की तरफ से पत्रकार वार्ता कर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए गए हैं। अब भाजपा नेता की तरफ से इसका जवाब दिया गया है। भाजपा के प्रदेश सचिव अनिल सरीन और विनीत जोशी ने यहां पत्रकार वार्ता कर आरोप लगाया है कि वित्त मंत्री की तरफ से गलत जानकारी लोगों के सामने रखी गई है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर निशाना साधते हुए नेता अनिल सरीन ने कहा कि सरकार झूठ बोल रही है। उनका दावा है कि पेंडू विकास विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, मनरेगा योजना के तहत केंद्र की ओर से 23,446 करोड़ रुपए बकाया हैं। अनिल सरीन ने बताया कि पंजाब की 13,304 पंचायतों में से 5,915 का ऑडिट ही नहीं हुआ, जबकि 10,653 मामलों में फर्जी कार्ड और योजना का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने वित्त मंत्री से जनता को झूठ का जवाब देने और योजनाओं का सोशल ऑडिट कराने की मांग की। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जवाब में कहा कि सरकार हर महीने 2,500 करोड़ रुपए का कर्ज चुका रही है और आधा-सच बोलना शोभा नहीं देता। उन्होंने आश्वासन दिया कि मनरेगा फंड्स का सही आंकड़ा जनता के सामने रखा जाएगा। सियासी गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा और कुछ नीतिगत फैसलों को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया है। आटा-दाल योजना को बंद करने और दलित हितों से जुड़ी योजनाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। अनिल सरीन ने कहा कि यही सरकार पहले आटा दाल के साथ-साथ देसी घी देने के दावे कर रही थी, मगर अब आटा दाल ही गरीबों को नहीं दे रही है। अनिल सरीन ने कहा कि मनरेगा योजना में सुधार जरूरी था, लेकिन 100 दिन का रोजगार देने के बजाय केवल 36 दिन ही रोजगार मुहैया कराया गया। अब यह देखना बाकी है कि बीजेपी इस चुनौती का क्या जवाब देती है।

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