पंजाब के शाही इमाम का बयान:कादियानी जमात के कार्यक्रमों में शामिल नेताओं के बहिष्कार की चेतावनी

लुधियाना में पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा राजनीतिक और धार्मिक ऐलान किया है। जामा मस्जिद में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी राजनीतिक नेता कादियानी जमात के कार्यक्रमों में शिरकत करेगा मुस्लिम समाज आगामी चुनावों में उसका पूर्ण बहिष्कार करेगा। क्यों हुआ विवाद शाही इमाम ने कहा कि इस्लाम में हजरत मोहम्मद (सल्ल.) को आखिरी नबी माना गया है। मिर्जा गुलाम कादियानी ने खुद को नबी बताकर दुनिया भर के मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कादियानी जमात की शुरुआत आजादी की जंग के दौरान अंग्रेजों ने मुसलमानों को गुमराह करने के लिए करवाई थी। यह जमात इस्लाम के मूल सिद्धांतों के खिलाफ काम कर रही है और खुद को मुसलमान बताकर लोगों को धोखे में रख रही है। सियासी दलों को सख्त चेतावनी शाही इमाम ने कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वोट बैंक की खातिर मुस्लिम भावनाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सियासी लीडर सब कुछ जानते हुए भी कादियानियों का साथ दे रहे हैं। अब कौम ने फैसला किया है कि ऐसे नेताओं के खिलाफ विधानसभा चुनाव में विशेष अभियान चलाया जाएगा। प्रमुख मांगें और अपील: सरकार और नागरिक प्रशासन कादियान के लोगों को सुविधाएं जरूर दें लेकिन इस जमात को मुस्लिम मानकर ट्रीट न करें। शाही इमाम ने सभी धर्मों के गुरुओं से अपील की है कि वे इस जमात के जलसों में शामिल न हों क्योंकि यह इस्लाम के नाम का गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि इस जमात का इस्लाम धर्म से कोई संबंध नहीं है।

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