पंजाब में रेलवे के विकास को नई गति मिली है। 2025 में राज्य के लिए कई महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिली है जो आने वाले वर्षों में पंजाब की संपर्क व्यवस्था को बदल देंगी। नई रेल लाइनों से बढ़ेगी कनेक्टिविटी गुरदासपुर-मुकेरियन रेल लिंक के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण को मंजूरी मिल गई है। यह उत्तरी पंजाब में यात्री और माल ढुलाई को बढ़ावा देने वाली एक रणनीतिक परियोजना है। इसके अलावा राजपुरा-मोहाली रेल लाइन को भी स्वीकृति मिल चुकी है जिस पर करीब 443 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह 18 किलोमीटर लंबी लाइन मालवा क्षेत्र को सीधे चंडीगढ़ से जोड़ेगी और दिल्ली की यात्रा सुगम बनाएगी। फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक परियोजना के लिए रेलवे ने पूरी निधि जमा कर दी है। 25.72 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर करीब 764 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेलवे ने डीसी तरनतारन के पास 138 करोड़ रुपये और डीसी फिरोजपुर के पास 56 करोड़ रुपये की राशि जमा कर दी है। यह परियोजना मालवा और माझा क्षेत्रों को जोड़ेगी तथा फिरोजपुर और अमृतसर के बीच यात्रा की दूरी काफी कम करेगी। लंबे समय से लंबित कादियान-ब्यास रेल लाइन परियोजना को अब फिर से शुरू कर दिया गया है। करीब 40 किलोमीटर लंबी इस रेल पटरी का निर्माण कार्य पुनर्जीवित हो रहा है। ट्रैक दोहरीकरण और तीसरी लाइन का काम तेज चंडीगढ़ मोरिंडा लुधियाना रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। इससे बढ़ते रेल यातायात को संभालने में मदद मिलेगी। इसी तरह अंबाला से पठानकोट तक तीसरी लाइन के लिए भी सर्वेक्षण किया जा चुका है जो मुख्य लाइन के साथ संपर्क मजबूत करेगी। वंदे भारत से मालवा को मिलेगी रफ्तार मालवा क्षेत्र से होकर वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ किया जाएगा। बरनाला में नया पड़ाव जोड़ने के बाद फिरोजपुर को मालवा क्षेत्र के प्रमुख शहरों से होते हुए दिल्ली से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रा में लगने वाला समय काफी कम होगा। शहीदी जोर मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरहिंद जंक्शन पर 12 ट्रेनों के लिए 25 से 27 दिसंबर तक अस्थायी ठहराव की घोषणा की गई है। 462 करोड़ से बदलेगा चंडीगढ़ स्टेशन का चेहरा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ मंत्री बिट्टू ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पुनर्निर्माण परियोजना की समीक्षा की। 462 करोड़ रुपये की लागत से चंडीगढ़ स्टेशन को आधुनिक ट्रांजिट हब में तब्दील किया जाएगा। यहां यात्रियों के लिए उन्नत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पंजाब के सभी 30 स्टेशनों पर विकास कार्य शुरू किया जा चुका है। सड़क सुरक्षा के लिए आरओबी और आरयूबी 51 ऐसे स्थानों की पहचान की गई है जहां रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) और रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) बनाए जा सकते हैं। इनमें से 25 को मंजूरी मिल चुकी है जबकि 21 अन्य स्थानों पर काम विभिन्न चरणों में है। लंबे समय से लंबित दोराहा आरओबी के लिए निविदा जारी कर दी गई है। पंजाब सरकार के सहयोग से यह कार्य जल्द पूरा होगा। 24 गुना बढ़ा बजट पंजाब के लिए रेलवे का बजट आवंटन पिछले एक दशक में आश्चर्यजनक रूप से बढ़ा है। वर्ष 2009-14 के दौरान औसत आवंटन 225 करोड़ रुपये सालाना था जो 2023-24 में बढ़कर 4762 करोड़ रुपये (21 गुना) हो गया। वर्ष 2024-25 में यह 5147 करोड़ रुपये (23 गुना) और 2025-26 के लिए 5421 करोड़ रुपये (24 गुना से अधिक) का प्रावधान किया गया है। यह आवंटन अवसंरचना और सुरक्षा कार्यों के लिए है जो पंजाब में रेलवे के तेज विकास को दर्शाता है।


