पंजाब में पुलिस थानों पर लगातार हो रहे हमलों के बाद अमृतसर पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर शहर में विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया गया है। पिछले 47 दिनों में राज्य के पुलिस स्टेशनों में 9 ब्लास्ट हो चुके हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। देर रात चलाए गए नाइट डोमिनेशन के दौरान बिना वजह घूम रहे संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़कर उनके विरुद्ध अपराध रोकथाम की कार्रवाई की गई। 95 वाहनों के चालान किए गए तथा 18 के विरुद्ध धारा 125 के तहत मामला दर्ज किया गया। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत वाहनों को जब्त कर लिया गया। संदिग्धों से पूछताछ बता दें कि, अमृतसर के तीनों जोन में पुलिस ने 75 अलग-अलग स्थानों पर नाकाबंदी की है। हर आने-जाने वाले वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। इस अभियान में डीसीपी कानून व्यवस्था हरप्रीत सिंह, डीसीपी जांच और डीसीपी सिटी के साथ सभी एडीसीपी, एसीपी और पुलिस स्टेशनों के मुख्य निरीक्षक शामिल हैं। पुलिस ने नई रणनीति के तहत सिविल कपड़ों में भी जवानों को तैनात किया है। पहले वर्दीधारी पुलिसकर्मियों को देखकर अपराधी भाग जाते थे, लेकिन अब सिविल ड्रेस में तैनात कर्मचारी वर्दीधारी जवानों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर यह विशेष रात्रिकालीन अभियान प्रतिदिन जारी रहेगा। सभी पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने और कड़ी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। कब-कब हुईं घटनाएं 24 नवंबर- अजनाला थाने के बाहर RDX लगाया गया था। हालांकि, यह फटा नहीं। इसकी जिम्मेदारी हैप्पी पासियां ने ली थी, जबकि इस मामले में पुलिस 2 आरोपियों को पकड़ चुकी है। उनसे हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए थे। 27 नवंबर- गुरबख्श नगर में बंद पुलिस चौकी में ग्रेनेड विस्फोट हुआ था। यह हमला भी बंद चौकी में हुआ था। 2 दिसंबर- एसबीएस नगर के काठगढ़ थाने में ग्रेनेड विस्फोट हुआ था। इस मामले में भी पुलिस ने 3 आतंकियों को गिरफ्तार किया था और उनसे हथियार बरामद किए गए थे। 4 दिसंबर- मजीठा थाने में ग्रेनेड विस्फोट हुआ तो पुलिस ने हमला मानने से ही इनकार कर दिया। पुलिस का कहना था कि उनके एक कर्मी की बाइक का टायर फटा है। हालांकि, इलाके के पूर्व विधायक बिक्रम मजीठिया ने थाने की तस्वीरों के साथ इसे आतंकी घटना बताया था। 13 दिसंबर- अलीवाल बटाला थाने में ग्रेनेड विस्फोट हुआ था। इस घटना की जिम्मेदारी भी हैप्पी पासियां और उसके साथी ने ली थी। इस घटना को भी रात के समय ही अंजाम दिया गया।
17 दिसंबर- इस्लामाबाद थाने में ग्रेनेड विस्फोट किया गया। सुबह जब खबर फैली तो पुलिस कमिश्नर और लोकल पुलिस ने इसे ब्लास्ट नहीं बताया, लेकिन दोपहर DGP पंजाब खुद अमृतसर पहुंचे और उन्होंने माना कि यह एक आतंकी घटना थी और बम फोड़ा गया था। 19 दिसंबर- पंजाब के भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सटे गुरदासपुर जिले की बंद पड़ी पुलिस चौकी बख्शीवाला पर आतंकी हमला हुआ। पुलिस द्वारा किसी मामले में जब्त किए गए ऑटो पर आतंकियों ने ग्रेनेड फेंका। 21 दिसंबर- गुरदासपुर के कलानौर क्षेत्र में बंगा वडाला गांव की पुलिस चौकी रात को धमाके से दहल गई। इस हमले की जिम्मेदारी भी बब्बर खालसा इंटरनेशनल ने ली थी।


