पंजाब में सात जिले बाढ़ की चपेट में:आज बारिश भारी बारिश का अलर्ट, अधिकारियों का छुटि्टयां कैंसिल, कंट्रोल रूम गठित

पंजाब में हो रही तेज बारिश और डैमों से छोड़े जा रहे पानी की वजह से राज्य के 7 जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। 150 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। लोगों के घर और खेत पानी में डूब गए हैं। पुल और सड़कों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं, आज भी राज्य में भारी बारिश की संभावना है। हालांकि प्रशासन की टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई है। 30 तक सारे स्कूलों में छुटि्टयां घोषित कर दी गई है। राज्य के पांच जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जिनमें पठानकोट, गुरदासपुर, बरनाला, मानसा और संगरूर शामिल हैं। जबकि 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और पांच में यलो अलर्ट जारी हुआ है। हालांकि राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 2.6 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह अभी भी सामान्य से 5.1 डिग्री कम है। सबसे अधिक तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस फरीदकोट में दर्ज किया गया। कई इलाकों में लोगों को एयरलिफ्ट किया गया रणजीत सागर, पौंग डैम और भाखड़ा डैम से लगातार पानी छोड़े जाने और बारिश की वजह से रावी, सतलुज और ब्यास नदियों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। लोगों को बचाने के लिए प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। पठानकोट के बमियाल क्षेत्र के गांव कजले में दस फुट तक पानी भर गया। ग्रामीणों को बचाने के लिए सेना की मदद लेनी पड़ी। 12 लोगों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। एनडीआरएफ ने गांव मासनपुर से 14 लोगों को सुरक्षित निकाला। गुरदासपुर में चार स्थानों और कपूरथला में धुंसी बांध टूटने से कई गांवों में पानी भर गया। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कई बीएसएफ की चौकियां भी पानी में डूब गई हैं। अधिकारियों की छुटि्टयां कैंसिल पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए सभी जिलों में कंट्रोल रूम बनाए हैं। वहीं, स्टेट लेवल का कंट्रोल रूम जालंधर में स्थापित किया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल और लाल चंद कटारूचक्क ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। गोयल ने बताया कि एनडीआरएफ और सेना की मदद से 70 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। 18 ट्रेन रद, हाईवे भी बंद पठानकोट का चक्की पुल फिलहाल बंद है, क्योंकि बरसाती पानी से पुल को काफी नुकसान पहुंचा है और जमीन धंस गई है। पठानकोट-मुकेरिया मार्ग पर ब्यास नदी पर गांव ढांगू के पास रेलवे पुल को भी खतरा पैदा हो गया है। इसके चलते रेलवे ने कई ट्रेनें डायवर्ट कर दी हैं। इस पुल से फिलहाल केवल जम्मू की ओर ट्रेनें धीमी गति से चलाई जा रही हैं। मंगलवार को 18 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं और कई ट्रेनों को जालंधर और लुधियाना कैंट तक ही चलाया गया। पठानकोट-जालंधर हाईवे भी बंद कर दिया गया है और ट्रैफिक को सुजानपुर, गुरदासपुर और मुकेरिया मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है

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