इंटेलिजेंस आधारित एक सफल ऑपरेशन में पंजाब की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और तरनतारन पुलिस ने मिलकर एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। स्वतंत्रता दिवस से पहले पंजाब में धमाका करने की प्लानिंग की जा रही थी। यह साजिश पाकिस्तान में छिपे बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के ऑपरेटिव हरविंदर उर्फ रिंदा और आतंकवादी लखबीर उर्फ लांडा, जो कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के समर्थन से काम कर रहा था, द्वारा रची गई थी। पुख्ता इनपुट के आधार पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान तरनतारन जिले में एक IED (इम्प्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद की गई, जिसे रिंदा के साथियों तक पहुंचाने से पहले ही जब्त कर लिया गया। IED सुरक्षित स्थान पर किया गया शिफ्ट बम निरोधक दस्ते (EOD टीम) को मौके पर बुलाया गया और सुरक्षा के मद्देनजर IED को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर नियंत्रित विस्फोट के जरिए निष्क्रिय किया गया। इस संबंध में पुलिस स्टेशन सरहाली, तरनतारन में एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा है कि वह संगठित आपराधिक और आतंकी नेटवर्कों को जड़ से खत्म करने और राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कौन है हरविंदर सिंह रिंदा… नेपाल के रास्ते पाकिस्तान भागा था : रिंदा पंजाब के तरनतारन का रहने वाला था। बाद में वह नांदेड़ महाराष्ट्र में शिफ्ट हो गया। उसे सितंबर 2011 में कत्ल के केस में उम्रकैद की सजा हुई थी। कई आपराधिक मामलों में नाम सामने आने के बाद वह नेपाल के रास्ते फेक पासपोर्ट पर पाकिस्तान भाग गया। वहां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने उसे अपना गुर्गा बना लिया। वह पाकिस्तान से पंजाब में लगे इंटरनेशनल बॉर्डर के जरिए ड्रोन से हथियार भेजने लगा। रिंदा एक हिस्ट्रीशीटर है। वह पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और महाराष्ट्र में कुख्यात गैंगस्टर रहा है। मर्डर, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, डकैती, फिरौती और स्नेचिंग के कई मामलों में वह पंजाब पुलिस का वांटेड है। रिंदा ने यह वारदातें कराई: हरविंदर रिंदा ने हाल ही में पंजाब पुलिस के मोहाली के इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर रॉकेट अटैक करवाया। इसके बाद तरनतारन में पुलिस थाने पर ग्रेनेड अटैक कराया। इससे पहले उस पर नवाशंहर के CIA दफ्तर, आनंदपुर साहिब और पुलिस चौकी काहलवां में IED हमले करवाने का आरोप है। पाकिस्तान पहुंचकर संभाला BKI का काम: रिंदा के बारे में खुफिया इनपुट मिलने के बाद पंजाब पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए बेंगलुरु में रेड की थी। हालांकि वह पंजाब पुलिस के हाथ नहीं आया। इसके बाद उसने पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान समर्थकों से संपर्क साधा और नेपाल के रास्ते पाकिस्तान भाग गया। वहां पहुंचकर उसने खालिस्तानी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के इंडिया हैड के रूप में काम शुरू कर दिया। वहां उसका मुख्य काम भारत में हथियार और ड्रग सप्लाई करना था।


