पंजाब सरकार जुलाई से सितंबर तिमाही के दौरान तकरीबन 8,500 करोड़ का नया कर्ज लेने जा रही है। यह कर्ज भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मंजूरी के तहत होगा और इसे बाजार से उठाया जाएगा। जानकारी के अनुसार सरकार जुलाई में 2,000 करोड़, अगस्त में 3,000 करोड़, और सितंबर में 3,500 करोड़ का लोन लेगी। इससे पहले सरकार अप्रैल और मई में 6,241.92 करोड़ का कर्ज पहले ही ले चुकी है। कुल मिलाकर मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक लिया गया कुल कर्ज 14,741.92 करोड़ तक पहुंच जाएगा। नया कर्ज लेने की जानकारी के बाद विरोधियों ने सरकार को घेरा है और विरोध शुरू कर दिया है। मार्च 2026 तक कुल कर्ज 4 लाख करोड़ रुपये के पार पंजाब सरकार ने इस पूरे वित्त वर्ष में 34,201.11 करोड़ का कर्ज उठाने का लक्ष्य रखा है। यदि यह लक्ष्य पूरा होता है, तो मार्च 2026 तक राज्य पर कुल बकाया कर्ज 4 लाख करोड़ को पार कर जाएगा। वर्तमान में (मार्च 2024 तक) पंजाब का कर्ज 3.82 लाख करोड़ है, जो राज्य के GSDP का 44% से अधिक है। प्रति व्यक्ति कर्ज 1.33 लाख राज्य की आबादी यदि 3 करोड़ मानी जाए, तो प्रत्येक नागरिक पर औसतन 1.33 लाख का कर्ज होगा। साल की शुरुआत में संसद में पेश एक रिपोर्ट में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया था कि पंजाब देश का दूसरा सबसे ज्यादा कर्ज में डूबा राज्य है, यदि Debt टू GSDP अनुपात को देखा जाए। विपक्ष के आरोपों पर हरपाल सिंह चीमा का पलटवार विपक्षी दलों भाजपा और शिरोमणि अकाली दल द्वारा लगाए गए आरोपों पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा- इस जून में हमने राज्य के भविष्य के लिए 2,000 करोड़ का निवेश किया, लेकिन इस पर कोई बात नहीं करता। जहां तक कर्ज लेने का सवाल है, देश की लगभग सभी सरकारें कर्ज लेकर ही काम करती हैं। यह साफ कर देना चाहता हूं कि हम जो भी कर्ज ले रहे हैं, वह सभी RBI की गाइडलाइनों के अनुरूप और अनुमेय सीमा के भीतर है।


