पंजाब सरकार ने तहसीलों में रजिस्ट्री प्रक्रिया को और सख्त व पारदर्शी बनाया, रजिस्ट्री के लिए आधार ओटीपी जरूरी, सिफारिश पर लगेगी लगाम

विक्की कुमार पंजाब सरकार की ओर से ईजी-रजिस्ट्री सिस्टम लागू करने के बाद अब रजिस्ट्री प्रक्रिया को और सख्त व पारदर्शी बना दिया गया है। प्रदेश की सभी तहसीलों में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए ई-केवाईसी को जरूरी कर दिया गया है। पहले यह व्यवस्था पायलट प्रोजेक्ट के तहत ट्रायल बेस पर शुरू की गई थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत किसी भी तरह की संपत्ति रजिस्ट्री करवाने को आधार ओटीपी जरूरी होगा। इसके साथ रजिस्ट्री करवाने के लिए टोकन लेना भी अनिवार्य कर दिया है । तहसील में रजिस्ट्री करवाने के लिए बैठे लोग। एडवोकेट व वसीका नवीस महिंदर पाल गुप्ता का कहना है कि पंजाब सरकार की ओर से तहसीलों में ईकेवाईसी सिस्टम लागू कर दिया गया है, जोकि सराहनीय है। लेकिन इससे जाली रजिस्ट्रियों का काम नहीं रुक पाएगा, क्योंकि जिसने जाली काम करना है, वह सब कुछ इंतजाम कर लेता है। आधार से लिंक मोबाइल नंबर कोई भी अपने साथ ले जा सकता है। ऐसे में किस तरह से फर्जीवाड़ा रुक सकता है। उनका कहना है कि अगर यह सब कुछ रोकना है तो इसके लिए बॉयोमेट्रिक सिस्टम बहुत जरूरी है। बॉयोमेट्रिक सिस्टम से किसी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा, क्योंकि उससे फिंगर और आंखों की स्कैनिंग होगी तो उससे गलत काम करना काफी हद तक रुक सकता है। उन्होंने पंजाब सरकार से यही अपील की है कि उन्हें तहसीलों में बॉयोमेट्रिक सिस्टम को लागू किया जाना चाहिए। आधार से लिंक मोबाइल नंबर के बिना न तो रजिस्ट्री की अपॉइंटमेंट बुक हो पाएगी और न ही रजिस्ट्री का प्रिंट आउट जारी किया जाएगा। वहीं अब अधिकारी अपनी मनमर्जी से किसी की भी रजिस्ट्री नहीं कर पाएंगे। जिस शख्स का टोकन नंबर होगा, उसी की रजिस्ट्री की जाएगी। अब रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और वेरिफिकेशन आधारित हो गई है। आधार ओटीपी के जरिए आवेदक की पहचान पुख्ता की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति का आधार मोबाइल नंबर से लिंक नहीं है, तो उसे पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी, तभी रजिस्ट्री संभव हो सकेगी। तहसीलों में पहले अक्सर सिफारिशियों का बोलबाला रहता था। जिन वसीका नवीसों की अधिकारियों के साथ अच्छी पहचान होती थी, वह पहले ही अपने दस्तावेजों को रजिस्टर्ड करवा लेता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब जिस आवेदक की अप्वाइंटमेंट होगी, उसी की रजिस्ट्री की जाएगी। अगर आवेदक 10 मिनट से ज्यादा कहीं देरी कर देता है तो उसकी अप्वाइंटमेंट रिशैड्यूल कर दी जाएगी। जिस शख्स का टोकन नंबर होगा, उसे 10 से 15 मिनट का समय दिया जाएगा। आने वाले समय में यह समय और बढ़ने की उम्मीद है।

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