पंजाब में खडूर साहिब से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा ने अपनी सजा के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है। करीब 12 दिन पहले तरनतारन की एडिशनल सेशन कोर्ट ने उन्हें 12 साल पुराने मारपीट और छेड़छाड़ के मामले में दोषी ठहराते हुए 4 साल की कैद और पीड़िता को मुआवजा देने का आदेश सुनाया था। इसके बाद लालपुरा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। कानून के मुताबिक 2 साल से अधिक की सजा होने पर उनकी विधायकी खतरे में पड़ सकती है। हालांकि, अब लालपुरा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और यदि कोर्ट से सजा पर रोक मिल जाती है तो उनकी विधायकी बच सकती है। इस मामले पर AAP के वरिष्ठ नेता बलतेज पन्नू ने कहा था कि अदालत का फैसला सर्वोपरि है और पार्टी का मानना है कि जो भी सजा सुनाई गई है, वह कानून के दायरे में है। दूसरी ओर पीड़िता ने कोर्ट के फैसले के बाद कहा था कि उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष कर यह लड़ाई जीती है और अब तरनतारन में होने वाला उपचुनाव भी लड़ेंगी। लालपुरा की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद यह तय होगा कि उनकी सजा पर रोक लगती है या नहीं, और इसके साथ ही उनकी विधायकी भी तय होगी। 2 साल पहले SSP से हुआ था मनजिंदर लालपुरा का विवाद साल 2023 में खडूर साहिब से AAP विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा का तत्कालीन एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान के साथ बड़ा विवाद सामने आया था। लालपुरा ने आरोप लगाया था कि एसएसपी चोरी के मामलों में अपराधियों से मिले हुए हैं और अवैध खनन से जुड़ी कार्रवाई में गड़बड़ी की गई है। उनका कहना था कि एसएसपी ने आधी रात को पुलिसकर्मियों को भेजकर उनके एक रिश्तेदार के साथ गलत व्यवहार किया। इस पर नाराज होकर विधायक ने चेतावनी दी थी कि इस कार्रवाई का जवाब जरूर दिया जाएगा। वहीं, एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि जो भी ऑपरेशन हुआ, वह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा था और उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। विवाद बढ़ने के बाद विधायक ने इस मामले से जुड़ी बातें सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कीं। हालात ऐसे बने कि अंततः सरकार को एसएसपी का तबादला करना पड़ा।


