पंजाब के लुधियाना में नगर निगम (MC) में कर्मचारियों की भारी कमी और आउटसोर्सिंग के जरिए काम चलाए जाने के बीच मेयर आवास पर निगम के कर्मचारियों की तैनाती को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शहर निवासी कुलदीप सिंह खैरा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से शिकायत कर मेयर आवास पर MC के मानव संसाधन और संसाधनों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। खैरा ने पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (PMC) एक्ट, 1976 के तहत औपचारिक जांच की मांग की है। शिकायत की प्रतियां स्थानीय निकाय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, विजिलेंस विंग और नगर निगम कमिश्नर को भी भेजी गई हैं। मेयर आवास पर 25 से ज्यादा कर्मचारी तैनात होने का दावा
शिकायत में खैरा ने आरोप लगाया कि हाल ही में करीब 10 और कर्मचारियों को मेयर आवास पर एडजस्ट किया गया है, जबकि पहले से ही वहां 25 से अधिक MC कर्मचारी एक साथ काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह नागरिक सेवाओं के लिए निर्धारित स्टाफ का गैरकानूनी रूप से डायवर्जन है। PMC एक्ट के उल्लंघन का आरोप
खैरा ने PMC एक्ट की विभिन्न धाराओं का हवाला देते हुए कहा कि मेयर की जिम्मेदारी है कि नगर निगम के फंड और कर्मचारियों का इस्तेमाल केवल वैधानिक और जनहित के कार्यों में हो। उन्होंने नगर निगम द्वारा 10 दिसंबर 2025 को जारी आदेश संख्या 689 का भी जिक्र किया, जिसमें कर्मचारियों की तैनाती को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं और निजी या समानांतर व्यवस्थाओं की अनुमति नहीं है। सुरक्षा पहले से पुलिस के जिम्मे
शिकायतकर्ता ने कहा कि मेयर को पहले से सरकारी वाहन और सुरक्षा सुविधा मिली हुई है। उन्होंने एक पुराने हाईकोर्ट केस का हवाला देते हुए कहा कि उसके बाद मेयर की सुरक्षा लुधियाना पुलिस द्वारा की जा रही है, न कि MC के जरिए। इसके बावजूद एस्कॉर्ट, समन्वय और अन्य सहायक कार्यों के लिए नगर निगम कर्मचारियों की तैनाती को उन्होंने गैरकानूनी और फिजूलखर्ची बताया। जांच और कार्रवाई की मांग
खैरा ने मांग की है कि PMC एक्ट के तहत मामले की जांच कराई जाए। मेयर आवास पर कथित अनधिकृत तैनाती तुरंत रोकी जाए। वित्तीय जिम्मेदारी तय की जाए। भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट निर्देश जारी हों। उन्होंने कहा कि यह शिकायत पूरी तरह जनहित में है ताकि नगर निगम के संसाधनों का उपयोग शहर की बुनियादी सुविधाओं के लिए हो सके। मेयर ने आरोपों को सिरे से नकारा
मीडिया में मेयर इंदरजीत कौर ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मेयर कैंप ऑफिस में दिन-रात करीब 25 कर्मचारी काम करते हैं, क्योंकि रोज सैकड़ों लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। पहले के मेयरों के समय में लगभग 50 कर्मचारी तैनात रहते थे। वाहन और अन्य सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह बायलॉज के तहत की गई हैं। इसमें किसी तरह का दुरुपयोग नहीं है।


