भास्कर न्यूज | तमता पत्थलगांव विकासखंड के पंडर पानी पंचायत के कटहर पारा में ग्रामीणों को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। यहां लगभग 25 परिवार रहते हैं। यहां के लोग पिछले 32 साल से खेत के कुएं का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। इससे न केवल बीमार होने का खतरा बना रहता है, बल्कि लोगों को पीने के पानी के लिए दूर तक जाना पड़ता है। इसके बावजूद अभी तक प्रशासन इन गांवों में कोई व्यवस्था नहीं कर पाया है। ग्रामीण भजन सिदार बताते हैं कि गांव में पहाड़ी इलाका होने के कारण बोर या बोरिंग सफल नहीं हो पा रहा है। बोरिंग नहीं होने से पीने के पानी के लिए खेत के कुएं पर ही निर्भर रहना पड़ता है। सभी लोग इसी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। साथ ही कुएं के गंदे पानी का इस्तेमाल खाना बनाने में भी करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल बरसात के दिनों में खेत में पानी भरने से कुआं डूब जाता है। फिर भी लोग उसी पानी को पीने के लिए मजबूर हैं। पिछली बरसात में इस कुएं का पानी पीने से कई ग्रामीण गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। लोगों ने तुरंत पत्थलगांव पहुंचकर इलाज कराया तो उनकी जान बची। ग्रामीण बताते हैं कि बीमारी से बचने के लिए पानी उबालकर पीते हैं। विजय सिदार ने बताया कि गर्मी के दिनों में पीने के पानी को लेकर ज्यादा परेशानी होती है, क्योंकि मोहल्ले में पीने का पानी उपलब्ध नहीं है। सुंदर साय सिदार, हरि राम सिदार ने बताया कि यहां जल जीवन मिशन का काम भी दो साल से अधूरा पड़ा हुआ है। मोहल्ले में 25 घरों में से केवल 6 घरों में नल का कनेक्शन दिया गया है। बाकी घरों तक कनेक्शन ही नहीं दिया गया है और न ही अभी तक इन घरों में पानी की सप्लाई शुरू की गई है। ऐसे में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ रही है। दोनों बोर बंद, शिकायत के बाद भी किसी ने नहीं ली सुध ग्रामीण रतन सिदार, निरंजन सिदार का कहना है कि 10 साल पहले मोहल्ले में सरकार की ओर से 2 बोरिंग की खुदाई की गई थी। इनमें से एक बोरिंग एक साल चलने के बाद सूख गया और दूसरी बोरिंग में खुदाई के बाद से एक बार भी पानी नहीं निकला है। ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव से लेकर विभाग के अधिकारियों तक शिकायत की, फिर भी अभी तक कोई दूसरा इंतजाम नहीं किया जा सका है। गर्मी में कुएं का जल स्तर काफी नीचे चला गया है।


