कोरोना संक्रमण के समय शहर में धारा 144 लागू होने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मशाल रैली निकाली थी। इस मामले में परदेशीपुरा पुलिस ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी और सात नेताओं को आरोपी बनाया गया था। पांच साल तक चले केस के बाद अब सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। इसमें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे, पार्षद राजू भदौरिया और अन्य शामिल हैं। प्रकरण क्रमांक की सही नहीं लिखा गया प्रथम श्रेणी एवं विशेष न्यायाधीश देव कुमार की एमपी एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस नेताओं पर चल रहे केस को खारिज करते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। कांग्रेस नेताओं की ओर से एडवोकेट जय हार्डिया ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि 2020 में कोरोना संक्रमण के दौरान परदेशीपुरा थाने में सात कांग्रेस नेताओं के खिलाफ चार धाराओं में केस दर्ज किया गया था। पांच साल तक चले ट्रायल में पुलिस द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि प्रकरण क्रमांक ही सही नहीं लिखा गया था। धारा 188 के उल्लंघन पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है, लेकिन इसके लिए पहले एसडीएम के समक्ष प्राइवेट कंप्लेंट लगाना आवश्यक होता है। पुलिस ने इस मूल प्रक्रिया को पूरा नहीं किया और कई procedural गलतियां कीं। इसके अलावा, इस केस में जो गवाह थे, उन्हें लेकर पुलिस पुख्ता पक्ष कोर्ट में नहीं रख सकी। इन सभी तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। भाजपा कार्यालय में जामवाल की बैठक इधर, भाजपा कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित है। जामवाल ने कहा कि भाजपा के जिम्मेदार कार्यकर्ता होने के नाते हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। हमें सौभाग्य है कि हमारे पास देश के सबसे लोकप्रिय नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व है। ऐसे में हमारा दायित्व और अधिक बढ़ जाता है कि हम पार्टी की अपेक्षाओं पर खरे उतरें।


